अजित पवार का विमान हादसा: जानें, उस सुबह कॉकपिट में क्या कुछ हुआ?
क्या महाराष्ट्र विमान हादसे में पायलट सुमित कपूर और शाम्भवी पाठक को नहीं बचाया जा सका। ये हादसा तकनीकी खराबी या लापरवाही?

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। बारामती के पास क्रैश हुए लेयरजेट 45 को उड़ाने वाले कैप्टन सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शाम्भवी पाठक की कहानी उतनी ही प्रेरणादायक है, जितनी दुखद भी। जानें, उस सुबह कॉकपिट में क्या कुछ हुआ।
महाराष्ट्र की राजनीति और विमानन क्षेत्र के लिए बुधवार का सूरज एक काली खबर लेकर आया, जिसने सबको झकझोर दिया। बारामती के खेतों में बिखरा विमान का मलबा सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि पांच जिंदगियों के खत्म होने की दास्तान है। इसमें राज्य के प्रमुख नेता अजित पवार के साथ-साथ दो जांबाज पायलट भी थे, जिन्होंने आखिरी क्षणों तक विमान को बचाने की कोशिश की होगी।
आसमान के वो दो सितारे: कैप्टन सुमित और शाम्भवी
कैप्टन सुमित कपूर विमान के कॉकपिट में थे, जिन्हें पहाड़ियों और चुनौतीपूर्ण लैंडिंग का काफी अनुभव था। उनके साथ थे फर्स्ट ऑफिसर शाम्भवी पाठक। भले ही शाम्भवी की उम्र कम थी, लेकिन उनका उड़ान का सपना बहुत ऊचा था।
सम्बंधित जानकारी के लिए, शाम्भवी ने मुंबई यूनिवर्सिटी से एविएशन की डिग्री की और न्यूजीलैंड की 'इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट एकेडमी' से कठिन ट्रेनिंग ली। 2022 से वो VSR वेंचर्स के साथ जुड़ी हुई थीं। उनके सहकर्मियों के मुताबिक, शाम्भवी अपने काम में काफी सटीक और शांत स्वभाव की थीं। वहीं कैप्टन सुमित कपूर को उनकी बुद्धिमत्ता के लिए जाना जाता था। अब सवाल ये है कि इतने अनुभवी पायलटों के होते हुए भी ये गलती कैसे हुई?
क्या आखिरी पल में 'लेयरजेट 45' ने साथ छोड़ दिया?
यह हादसा सुबह लगभग 8:45 से 9:15 के बीच हुआ। VSR वेंचर्स का यह Learjet 45 (VT-SSK) बारामती रनवे की दिशा में बढ़ रहा था। चश्मदीदों के अनुसार, विमान लैंडिंग के बिल्कुल करीब था, लेकिन तभी उसमें कुछ तकनीकी खराबी आई।
विमान रनवे पर उतरने के बजाय दिशा भटक कर पास के एक खेत में जा गिरा। जमीन से टकराते ही विमान आग के गोले में बदल गया। विमान का वजन लगभग 9752 किलोग्राम था, और जब इतनी भारी मशीन आग में घिरी, तो किसी के संभलने का मौका तक नहीं मिला।
VSR वेंचर्स: सुरक्षा के रिकॉर्ड पर उठते सवाल
इस हादसे ने दिल्ली स्थित प्राइवेट एविएशन कंपनी 'VSR वेंचर्स' को फिर से जांच के घेरे में खड़ा कर दिया है।
इतिहास: यह कंपनी 2011 से काम कर रही है।
पिछला रिकॉर्ड: यह गौर करने वाली बात है कि 14 सितंबर 2023 को भी इसी कंपनी का एक विमान मुंबई एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।
सवाल: क्या विमान के रखरखाव में कोई कमी थी? या फिर बारामती का मौसम और लैंडिंग गियर में आई खराबी मौत का कारण बनी?
आखिरी सफर: सभा की तैयारी और मातम में बदली सुबह
अजित पवार बारामती में जिला परिषद चुनाव के लिए चार बड़ी जनसभाओं को संबोधित करने वाले थे। उनके समर्थक सुबह से ही पंडालों में जुटने लगे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस 'दादा' का वे इंतजार कर रहे हैं, उनका विमान अपनों के बीच पहुंचने से चंद मिनट पहले ही हादसे का शिकार हो जाएगा।
इस हादसे में अजित पवार, उनके निजी सहायक विदीप जाधव, सुरक्षा गार्ड और दोनों पायलटों की जान गई। DGCA ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही ये साफ हो पाएगा कि कॉकपिट में पायलटों के आखिरी शब्द क्या थे।
यह हादसा सुरक्षा मानकों और वीआईपी मूवमेंट के प्रोटोकॉल पर बड़े सवाल खड़े करता है। कैप्टन सुमित और शाम्भवी पाठक जैसे युवा पायलटों का जाना एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है। फिलहाल, पूरा महाराष्ट्र शोक में डूबा है और जांच एजेंसियां मलबे से सच निकालने की कोशिश कर रही हैं।


