चंद्रशेखर आजाद की IIT-IIM-AIIMS में UGC विनियम 2026 लागू करने की मांग
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर IIT, IIM, AIIMS समेत केंद्रीय संस्थानों में UGC विनियम 2026 को बाध्यकारी रूप से लागू करने की मांग की है।

नई दिल्ली, वाईबीएन न्यूज। यूजीसी विनियम-2026 के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव के उन्मूलन को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 को IIT, IIM, AIIMS समेत सभी केंद्रीय और स्वायत्त संस्थानों में बाध्यकारी प्रावधान के रूप में लागू करने की मांग की है।
जानिए चंद्रशेखर आजाद ने पत्र में क्या लिखा
चंद्रशेखर आजाद ने पत्र में कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, वर्ग और सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करने के उद्देश्य से लाए गए UGC विनियम 2026 का विरोध सामाजिक न्याय के खिलाफ एक संगठित और भ्रामक प्रयास है। उन्होंने विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और दिव्यांग छात्रों के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।
उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव के उन्मूलन हेतु लाए गए UGC विनियम, 2026 को आईआईटी, आईआईएम, एम्स सहित केंद्रीय संस्थानों में व्याप्त भेदभाव के निराकरण हेतु बाध्यकारी प्रावधान के रूप में लागू किए जाने के संबंध में माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री @dpradhanbjp जी को पत्र लिखा!… pic.twitter.com/UhfmxUedgB
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) January 29, 2026
संविधान के अनुरूप बताया यूजीसी विनियम
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि UGC विनियम 2026 का मूल उद्देश्य धर्म, जाति, लिंग, जन्म स्थान या दिव्यांगता के आधार पर होने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करना और उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता व समावेशन सुनिश्चित करना है। भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी इन विनियमों का पूर्ण समर्थन करती है, क्योंकि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 की भावना के अनुरूप हैं।
कहा- ये उच्च शिक्षण संस्थान भी दायरे में लाए जाएं
पत्र में यह भी कहा गया कि वर्तमान में ये भेदभाव-निरोधक प्रावधान केवल UGC से मान्यता प्राप्त संस्थानों तक सीमित हैं, जबकि IIT, NIT, ट्रिपल आईटी, IIM, AIIMS, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे कई प्रमुख केंद्रीय व स्वायत्त संस्थान इसके दायरे से बाहर हैं। इन्हीं संस्थानों से संस्थागत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न की सबसे अधिक शिकायतें सामने आती रही हैं।
विनियम तत्काल प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने मांग की कि UGC विनियम 2026 को पूरी तरह प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और सभी केंद्रीय व स्वायत्त उच्च शिक्षा संस्थानों में एक समान, कानूनी और निगरानी-सक्षम भेदभाव-निरोधक ढांचा तत्काल लागू किया जाए, ताकि उच्च शिक्षा वास्तव में सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों का आधार बन सके।


