भारत–EU शिखर वार्ता: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ FTA पर बनी सहमति
दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय आयोग प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से वार्ता की। भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया गया।

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिए जाने पर सहमति बनी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल शामिल रहे। वहीं यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने किया। EU की उपाध्यक्ष काजा कालास और व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविच भी बैठक में मौजूद थे।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बताया एतिहासिक क्षण
यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि भारत और यूरोपीय संघ ने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ को पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता दो अरब लोगों का मुक्त व्यापार क्षेत्र तैयार करता है और दोनों पक्षों को इसका लाभ मिलेगा।
पीयूष गोयल बोले- मजदूत- दूरगामी साझेदारी
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को “दुनिया के लिए एक मजबूत और दूरगामी साझेदारी” बताया। वहीं पीएम मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन समारोह को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि भारत-EU FTA दो प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी को दर्शाता है, जो दुनिया के लगभग एक चौथाई GDP का प्रतिनिधित्व करती हैं।
भारत पर निवेशकों का भरोसा मजबूत होगाः पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता उद्योग, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के लिए लाभकारी होगा और वैश्विक निवेशकों का भारत पर भरोसा और मजबूत करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह FTA ब्रिटेन और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ मौजूदा समझौतों को पूरक बनाएगा।
EU के साथ FTA करने वाला तीसरा देश बना भारत
इससे पहले यूरोपीय नेताओं ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और विज़िटर बुक पर हस्ताक्षर किए। यह दौरा 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के अवसर पर हुआ। इस समझौते के साथ भारत, जापान और दक्षिण कोरिया के बाद EU के साथ FTA करने वाला तीसरा एशियाई देश बन गया है।


