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संसद का बजट सत्र 2026 आज से शुरू, क्या जनता को मिलेगी बड़ी राहत?

आज से संसद का बजट सत्र शुरू! क्या 1 फरवरी को निर्मला सीतारमण पेश करेंगी बजट? क्या जनता को मिलेगी कुछ राहत? जानें पूरा कार्यक्रम।

संसद का बजट सत्र 2026 आज से शुरू, क्या जनता को मिलेगी बड़ी राहत?
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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क । आज, यानी 28 जनवरी से संसद का एक अहम बजट सत्र शुरू हो रहा है। यह सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के साथ शुरू होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना लगातार 9वां बजट पेश करेंगी, जो कि एक ऐतिहासिक पल होगा। बेरोजगारी, महंगाई और SIR जैसे मुद्दों पर विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रिया के बीच, इस सत्र में काफी हंगामा देखने को मिल सकता है।

नई दिल्ली में आज सुबह से ही संसद परिसर में हलचल बढ़ गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। इस संबोधन के जरिए सरकार अपनी उपलब्धियों का वर्णन करेगी और आगामी साल का दृष्टिकोण साझा करेगी।

यह बजट सत्र 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा और इसे दो चरणों में बांटा गया है। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक होगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। बीच के अवकाश में संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों की जांच करेंगी।

कार्यक्रम

— सत्र का शुभारंभ (राष्ट्रपति का अभिभाषण), 28 जनवरी 2026

— आर्थिक सर्वेक्षण पेश होगा, 29 जनवरी 2026

— प्रधानमंत्री मोदी का मीडिया संबोधन (हंस द्वार), 29 जनवरी 2026 (सुबह 10:00 बजे)

— केंद्रीय बजट 2026 की प्रस्तुति, 1 फरवरी 2026 (रविवार, सुबह 11:00 बजे)

— पहला चरण समाप्त, 13 फरवरी 2026

— दूसरा चरण शुरू, 9 मार्च 2026

सप्ताह के अंत में बजट: निर्मला सीतारमण बनाएंगी नया रिकॉर्ड

इस बार का बजट सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना 9वां बजट पेश करने जा रही हैं और इस तरह वो पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के लगातार बजट पेश करने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगी।

रविवार को होने वाले इस बजट सत्र में संसद काम करेगी, भले ही यह छुट्टी का दिन हो। मध्यम वर्ग को उम्मीद है कि सरकार 'नई आयकर व्यवस्था' में कुछ और छूट देकर राहत भेंट कर सकती है। इसके साथ ही, अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए बड़े सुधारों की संभावना भी हो सकती है।

विपक्ष की तैयारी: इन 5 मुद्दों पर हो सकता है हंगामा

सत्र की शुरुआत से पहले ही विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सरकार को आसानी से नहीं छोड़ेंगे। मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने अपनी रणनीति बनाकर रखी है।

SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण): चुनावी रजिस्ट्रेशन्स पर विपक्ष सरकार पर कड़ा प्रहार कर रहा है।

रोजगार और मनरेगा: कांग्रेस का कहना है कि 'विकसित भारत-रोजगार गारंटी' (VB-G RAM) मिशन मनरेगा को कमजोर करने की एक कोशिश है।

महंगाई और गिरता रुपया: घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतों और डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपए पर गहन चर्चा की जरूरत है।

विदेश नीति और टैरिफ: अमेरिका के नए टैरिफ फैसलों का भारतीय निर्यात पर क्या असर पड़ेगा, इस पर विपक्ष सवाल उठाएगा।

अमरावती का मुद्दा: सहयोगी पार्टियां, जैसे टीडीपी (TDP), अमरावती को राजधानी के रूप में वैधानिक दर्जा देने की मांग कर सकती हैं।

सुरक्षा और मीडिया कवरेज के पुख्ता इंतजाम

संसद परिसर में सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं। 29 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'हंस द्वार' पर मीडिया को संबोधित करेंगे। इस ब्रीफिंग के लिए केवल उन्हीं पत्रकारों को अनुमति दी जाएगी जिनके पास मान्य प्रेस गैलरी पास है। कैमरामैन और फोटोग्राफर्स के लिए CPIC पास अनिवार्य कर दिया गया है।

राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी। कल, 29 जनवरी को देश की आर्थिक स्थिति का प्रक्षिप्त 'आर्थिक सर्वेक्षण' पेश किया जाएगा, जिससे ये संकेत मिलेंगे कि 1 फरवरी को बजट में जनता के लिए क्या खास होगा।


Ajit Kumar Pandey

Ajit Kumar Pandey

पत्रकारिता की शुरुआत साल 1994 में हिंदुस्तान अख़बार से करने वाले अजीत कुमार पाण्डेय का मीडिया सफर तीन दशकों से भी लंबा रहा है। उन्होंने दैनिक जागरण, अमर उजाला, आज तक, ईटीवी, नवभारत टाइम्स, दैनिक हिंट और दैनिक जनवाणी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया। न्यू मीडिया की तकनीकों को नजदीक से समझते हुए उन्होंने खुद को डिजिटल पत्रकारिता की मुख्यधारा में स्थापित किया। करीब 31 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ अजीत कुमार पाण्डेय आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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