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असम के गमोसा पर शुरू हुई सियासत, एट होम कार्यक्रम में राहुल के 'गमोसा' न पहने पर भड़की भाजपा

राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'ऐट-होम' कार्यक्रम में सभी मेहमानों को दिए गए असमिया 'गमोसा' को राहुल गांधी ने नहीं पहना था। जबकि सभी मेहमानों ने ‘गमोसा’ नामक पटका पहना था।

असम के गमोसा पर शुरू हुई सियासत, एट होम कार्यक्रम में राहुल के  गमोसा न पहने पर भड़की भाजपा
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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्वोत्तर का अपमान किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति भी अनादर दिखाया, क्योंकि उन्होंने राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'ऐट-होम' कार्यक्रम में सभी मेहमानों को दिए गए असमिया 'गमोसा' को नहीं पहना। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया, जब मीडिया के एक वर्ग ने दावा किया कि गांधी को छोड़कर सभी मेहमानों ने कार्यक्रम में उन्हें भेंट किया गया ‘गमोसा’ नामक पटका पहना था। ऐट होम कार्यक्रम में यूरोपीय नेताओं के साथ राष्ट्रपति, पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत जानी-मानी राजनीतिक व सामाजित हस्तियां मौजूद रहीं। इस दौरान पारंपरिक भोजन परोस कर विदेशी मेहमानों का स्वागत किया गया।

शर्मनाक! राहुल गांधी, भाजपा ने पोस्ट में लिखा

मीडिया की कुछ खबरों का हवाला देते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "शर्मनाक! राहुल गांधी ने पूर्वोत्तर का अपमान किया और माननीय राष्ट्रपति का भी अनादर किया।" इससे पहले, कांग्रेस ने भाजपा नीत सरकार पर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान करने का आरोप लगाया।

उन्हें तीसरी पंक्ति में बैठाया गया कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस ने कहा कि कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्हें तीसरी पंक्ति में बैठाया गया। कांग्रेस के कई नेताओं ने समारोह के दौरान अपने नेताओं को पीछे की पंक्तियों में बैठाए जाने की तस्वीरें साझा करते हुए प्रोटोकॉल के उल्लंघन और बर्ताव पर सवाल उठाए। पलटवार करते हुए पूनावाला ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने गांधी परिवार के "अधिकार और अहंकार" के साथ-साथ "परिवार और पद" को जनता से ऊपर रखा है। भाजपा प्रवक्ता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “वे ‘संविधान तंत्र’ से ऊपर ‘परिवार तंत्र’ को मानते हैं।

बैठने की व्यवस्था का राजनीतिकरण

बैठने की व्यवस्था तय प्रोटोकॉल के अनुसार होती है। राहुल गांधी के आसपास या उनके पीछे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी दिखे, लेकिन किसी ने इसे मुद्दा नहीं बनाया। पूनावाला ने पूछा, राहुल को लगता है कि वह भारत के मालिक हैं? वैसे, वह महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में क्यों नहीं आते? उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में वह कहां थे? प्रधान न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह में? स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में?" भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर गणतंत्र दिवस पर बैठने की व्यवस्था का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और गांधी को "कपटी राजनीतिज्ञ" बताया।

कांग्रेस ने शेयर की राजनाथ सिंह की तस्वीर

वहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार किया। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तस्वीर पोस्ट की और असम के मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या वह सिंह से पटका न पहनने के लिए भी माफी की मांग करेंगे। खेड़ा ने अपने पोस्ट में सिंह और शर्मा दोनों को टैग करते हुए कहा, हिमंत विश्व शर्मा क्या आप राजनाथ सिंह से भी माफी मांगने के लिए कहेंगे? या सत्ता विरोधी लहर से निपटने की आपकी पूरी रणनीति ऐसे बेतुके मुद्दों को उठाना है?"

टैगोर ने भी इस मुद्दे पर भाजपा की आलोचना की

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी इस मुद्दे पर भाजपा की आलोचना की और असम के मुख्यमंत्री से पूछा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर का पटका क्यों नहीं पहना। इससे पहले, कांग्रेस ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं क्रमश: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस पर आयोजित समारोह के दौरान उन्हें तीसरी पंक्ति में बैठाया गया। कांग्रेस के कई नेताओं ने समारोह के दौरान, अपने नेताओं को पीछे की पंक्तियों में बैठाए जाने की तस्वीरें साझा करते हुए प्रोटोकॉल के उल्लंघन और बर्ताव पर सवाल उठाए। इसपर पलटवार करते हुए पूनावाला ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने गांधी परिवार के "अधिकार और अहंकार" के साथ-साथ "परिवार और पद" को जनता से ऊपर रखा है।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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