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कांग्रेस नेतृत्व ने उत्तराखंड के नेताओं के साथ राज्य के मुद्दों और रणनीति को लेकर चर्चा की

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ हुई इस बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा आदि शामिल रहे।

कांग्रेस नेतृत्व ने उत्तराखंड के नेताओं के साथ राज्य के मुद्दों और रणनीति को लेकर चर्चा की
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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। कांग्रेस नेतृत्व ने मंगलवार को अपनी उत्तराखंड इकाई के वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्य से जुड़े मुद्दों और पार्टी को मजबूत करने की रणनीति को लेकर चर्चा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ हुई इस बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कई अन्य नेता शामिल हुए।

धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश

बैठक के बाद सैलजा ने संवाददाताओं से कहा, भाजपा की राजनीति का एक पुराना तरीका रहा है कि जैसे ही चुनाव नज़दीक आते हैं, असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश की जाती है। आज उत्तराखंड में जो हो रहा है, वह उसी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता अब इन झांसे में नहीं आने वाली है।

राज्य के असली मुद्दे भ्रष्टाचार, किसान की स्थिति

कांग्रेस नेता ने कहा, राज्य के असली मुद्दे भ्रष्टाचार, किसान की स्थिति, महिला सुरक्षा और जवाबदेही हैं। किसान आत्महत्या का मामला हो या अंकिता भंडारी प्रकरण हो, सवाल केवल एक घटना का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता का है। जनता इन सवालों के जवाब चाहती है। उन्होंने कहा, उत्तराखंड की जनता अब धर्म के नाम पर वोट की राजनीति नहीं, बल्कि अपने जीवन से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दे रही है। कांग्रेस पार्टी जनता के हर मुद्दे को मजबूती से उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। उत्तराखंड में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

एसआईआर और विदेश नीति के मुद्दों को उठाएगी कांग्रेस

कांग्रेस ने मंगलवार को फैसला किया कि वह संसद के बजट सत्र के दौरान मनरेगा, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), विदेश नीति और कुछ अन्य विषय उठाएगी तथा सरकार से जवाब मांगेगी। पार्टी संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की अध्यक्षता में पार्टी सांसदों के रणनीतिक समूह की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। हालांकि पार्टी सांसद शशि थरूर इसमें शामिल नहीं हुए। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि थरूर दुबई से देर शाम दिल्ली पहुंचे, जिस कारण वह इस बैठक में शामिल नहीं हो सके तथा इस बारे में उन्होंने पहले ही पार्टी को अवगत करा दिया था।

थरूर कांग्रेस की किसी बैठक में नहीं पहुंचे

कांग्रेस से नाराजगी की खबरों के बीच हाल के दिनों में यह दूसरा मौका है जब थरूर कांग्रेस की किसी बैठक में नहीं पहुंचे। वह पिछले दिनों केरल के कांग्रेस नेताओं के साथ कांग्रेस नेतृत्व की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। इस बैठक के बाद राज्यसभा में कांग्रेस के सचेतक सैयद नासिर हुसैन ने कहा, ‘‘आज की बैठक में बजट सत्र के पहले हिस्से को लेकर चर्चा की गई। मनरेगा के मुद्दे को पहले हिस्से में उठाया जाएगा। हम एसआईआर का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाएंगे। पर्यावरण के मुद्दों अरावली और ग्रेट निकोबार को भी उठाया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल हो

हुसैन ने कहा, ‘‘सरकार ने वादा किया है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा, लेकिन अब तक नहीं हुआ। इसे भी उठाया जाएगा।’’ उनका कहना था कि विदेश नीति, अमेरिकी टैरिफ और कुछ अन्य विषयों को भी उठाया जाएगा। विपक्षी दल बुधवार सुबह संसद भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में बैठक कर बजट सत्र को लेकर आगे की रणनीति तय करेंगे। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलेगा। केंद्रीय बजट एक फरवरी (रविवार) को पेश किया जाएगा। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा होगी और उसे पारित किया जाएगा। इसी चरण में केंद्रीय बजट पर भी चर्चा होगी। इसके बाद सदन की बैठक दोबारा नौ मार्च को शुरू होगी और इस दूसरे चरण की समाप्ति के लिए दो अप्रैल की तारीख निर्धारित की गई है।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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