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ओशिवारा फायरिंग मामला: कमाल राशिद खान को बड़ी राहत, 25 हजार रुपए के निजी मुचलके पर मिली जमानत

मुंबई के अंधेरी के ओशिवारा स्थित एक रिहायशी इमारत में दो बार फायरिंग की तेज आवाज आई थी। गनीमत रही कि किसी तरह की जानमाल की हानि नहीं हुई।

ओशिवारा फायरिंग मामला:  कमाल राशिद खान को बड़ी राहत, 25 हजार रुपए के निजी मुचलके पर मिली जमानत
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मुंबई, आईएएनएस। मुंबई में ओशिवारा फायरिंग की घटना से जुड़े मामले में फिल्म क्रिटिक कमाल राशिद खान उर्फ केआरके को बड़ी राहत मिली है। केआरके को अंधेरी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट से 25 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई है। केआरके को 23 जनवरी की शाम को पुलिस ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। अब हफ्ते भर बाद उन्हें जमानत मिल गई है। दरअसल, मुंबई के अंधेरी के ओशिवारा स्थित एक रिहायशी इमारत में दो बार फायरिंग की तेज आवाज आई थी। गनीमत रही कि किसी तरह की जानमाल की हानि नहीं हुई। रिहायशी बिल्डिंग में लेखक-निर्देशक नीरज कुमार मिश्रा और मॉडल प्रतीक वैध भी रहते हैं। उन्होंने रात के समय फायरिंग आवाज सुनी थी।

फायरिंग केआरके के घर की तरफ से हुई थी

पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि फायरिंग केआरके के घर की तरफ से हुई थी। पुलिस ने केआरके को 23 जनवरी की शाम को गिरफ्तार किया था और मामले की जांच की थी। मामले में केआरके मुख्य संदिग्ध हैं, और पुलिस ने उनसे कई दिनों तक लगातार पूछताछ की और घटनास्थल पर सीन रिक्रिएट भी किया था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पूछताछ में केआरके ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि वे किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते थे, बस अपनी बंदूक की सफाई कर रहे थे, और उसी दौरान घटना हुई थी। पुलिस ने उनकी लाइसेंसी बंदूक को भी जब्त कर लिया और मौके से जिंदा कारतूस भी बरामद किए।

उनके पास पहले से लाइसेंसी हथियार

इससे पहले केआरके ने ब्रांदा कोर्ट में पेशी के समय अपना पक्ष रखा था और दावा किया था कि वे बॉलीवुड स्टार्स पर टिप्पणी करते हैं, इस वजह से उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। उनके पास पहले से लाइसेंसी हथियार है और वे किसी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करेंगे।

केआरके किसी तरह के विवाद में फंसे हैं

कोर्ट में केआरके की तरफ से एक अनजान शख्स के होने का दावा भी किया गया, जिसने दो राउंड फायरिंग की। उन्होंने पुलिस के दावों को कोर्ट में गलत बताया था। यह पहला मौका नहीं है, जब केआरके किसी तरह के विवाद में फंसे हैं। इससे पहले भी केआरके अपने सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को लेकर कार्रवाई झेल चुके हैं।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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