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लंबा सफर, अनगिनत यादें : रमेश देव ने 285 हिंदी और 190 मराठी फिल्मों में बिखेरा अपना जादू

विज्ञापनों और नाटकों में भी अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिससे उनका चेहरा और हुनर दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहे। वह मराठी और बॉलीवुड दोनों इंडस्ट्री के लिए प्रेरणा बनकर रहे।

लंबा सफर, अनगिनत यादें : रमेश देव ने 285 हिंदी और 190 मराठी फिल्मों में बिखेरा अपना जादू
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मराठी और हिंदी सिनेमा में अपनी खास पहचान बनाने वाले अभिनेता रमेश देव का नाम भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा याद किया जाएगा। उनके दमदार अभिनय के लाखों लोग दीवाने थे। उनका काम सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहा, उन्होंने विज्ञापनों और नाटकों में भी अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिससे उनका चेहरा और हुनर दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहे। वह मराठी और बॉलीवुड दोनों इंडस्ट्री के लिए प्रेरणा बनकर रहे।

बचपन से ही उन्हें कला और अभिनय में रुचि थी

रमेश देव का जन्म 30 जनवरी 1929 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ था। बचपन से ही उन्हें कला और अभिनय में रुचि थी, लेकिन उनकी जिंदगी में फिल्मों का सफर एक अनोखे किस्से से शुरू हुआ। एक बार रमेश देव अपने बड़े भाई के साथ घोड़े की रेस देखने गए, जहां उनकी मुलाकात मराठी निर्देशक राजा परांजपे से हुई। राजा को रमेश की मदद से रेस में जीत मिली और उन्हें लगा कि रमेश उनके लिए लकी हैं। इसी दिन उन्होंने रमेश देव को पहली फिल्म ऑफर की, जिससे उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ।

राठी फिल्म 'पाटलाची पोर' में कैमियो रोल किया

रमेश देव ने अपनी पहली मराठी फिल्म 'पाटलाची पोर' में कैमियो रोल किया और 1956 में 'अंधला मगतो एक डोला' में मुख्य भूमिका निभाई। उनका अभिनय इतना प्रभावशाली था कि उन्हें मराठी सिनेमा में जल्दी ही पहचान मिल गई। इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों की ओर कदम बढ़ाया। उनकी पहली हिंदी फिल्म 1962 में रिलीज हुई 'आरती' थी। इसके बाद उन्होंने अमिताभ बच्चन की फिल्म 'आनंद', राजेश खन्ना की 'आप की कसम', शत्रुघ्न सिन्हा की 'मेरे अपने', और धर्मेन्द्र और हेमा मालिनी के साथ कई फिल्मों में अभिनय किया।

285 से ज्यादा हिंदी और 190 से ज्यादा मराठी फिल्मों में काम किया

रमेश देव का करियर बेहद लंबा रहा। उन्होंने 285 से ज्यादा हिंदी फिल्मों और 190 से ज्यादा मराठी फिल्मों में काम किया। फिल्मों के अलावा, उन्होंने 250 से ज्यादा विज्ञापनों में अभिनय किया। इस वजह से उनका चेहरा घर-घर में जाना जाने लगा। इसके साथ ही उन्होंने कई मराठी नाटकों में भी अपनी कला दिखाई और थिएटर प्रेमियों के दिलों में भी जगह बनाई।

रमेश देव की पत्नी सीमा देव भी एक्ट्रेस

रमेश देव की पत्नी सीमा देव भी एक्ट्रेस रही हैं। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और दर्शकों को उनकी जोड़ी खूब पसंद आई। 1962 में फिल्म 'वरदक्षिणा' के दौरान दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया और उन्होंने उसी साल शादी कर ली। उनके दो बेटे हैं अजिंक्य देव, जो मराठी अभिनेता हैं, और अभिनव देव, जो फिल्म निर्देशक हैं। रमेश देव को कई पुरस्कार मिले। 2013 में उन्हें 11वें पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।रमेश देव का निधन 2 फरवरी 2022 को हुआ। 93 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से फिल्म और थिएटर जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी फिल्मों, नाटकों और विज्ञापनों के जरिए उनका योगदान हमेशा जीवित रहेगा। आईएएनएस


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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