'बॉर्डर-2' की चर्चा के बीच सुनील शेट्टी हुए भावुक, साझा किए 1997 के यादगार किस्से
सनी देओल की 'बॉर्डर-2' की घोषणा के साथ ही बॉलीवुड के 'अन्ना' यानी सुनील शेट्टी पुरानी यादों में खो गए हैं। 1997 की कल्ट क्लासिक फिल्म 'बॉर्डर' को याद करते हुए सुनील ने बताया कि रेगिस्तान की भीषण गर्मी में शूटिंग के दौरान कैमरा बंद होने के बाद भी कलाकार सैनिकों वाली जिम्मेदारी निभाते थे।

मुंबई। सनी देओल की 'बॉर्डर-2' की घोषणा के साथ ही बॉलीवुड के 'अन्ना' यानी सुनील शेट्टी पुरानी यादों में खो गए हैं। 1997 की कल्ट क्लासिक फिल्म 'बॉर्डर' को याद करते हुए सुनील ने बताया कि रेगिस्तान की भीषण गर्मी में शूटिंग के दौरान कैमरा बंद होने के बाद भी कलाकार सैनिकों वाली जिम्मेदारी निभाते थे।
उन्होंने साझा किया कि सेट पर अनुशासन ऐसा था कि शूटिंग खत्म होने के बाद भी वे असली जवानों के साथ वक्त बिताते और उनकी समस्याओं को समझते थे। सुनील के अनुसार, 'बॉर्डर' केवल एक फिल्म नहीं बल्कि एक इमोशन थी, जिसने उन्हें असल जिंदगी में भी देश के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाया। अब 'बॉर्डर-2' से भी दर्शकों को वैसी ही देशभक्ति और जज्बे की उम्मीद है। वरुण धवन, सनी देओल, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर फिल्म 'बॉर्डर-2' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।
फिल्म को दर्शकों की तरफ से अच्छा रिस्पांस भी मिल रहा है, लेकिन इसी बीच फिल्म 'बॉर्डर' में भैरो सिंह की भूमिका निभाने वाले सुनील शेट्टी को फिल्म के रिलीज के साथ अपनी पुरानी फिल्म के दिन याद आ गए हैं। 1997 में रिलीज हुई 'बॉर्डर' की जिम्मेदारी आज भी अभिनेता अपने कंधों पर महसूस करते हैं।
'बॉर्डर-2' के रिलीज पर सुनील शेट्टी ने अहान शेट्टी के लिए प्यार नोट इंस्टाग्राम पर लिखा है, जिसमें उन्होंने अपनी फिल्म से जुड़े अनुभव को भी साझा किया है। अभिनेता का कहना है कि बॉर्डर सिर्फ उनके लिए फिल्म नहीं थी, बल्कि जिम्मेदारी थी, जिसे कैमरों के बंद हो जाने के बाद भी उन्होंने ताउम्र निभाया है। सुनील शेट्टी ने कैप्शन में लिखा, "मेरे प्यारे बेटे अहान, आज मुझे तुमसे यह कहना है कि मेरे लिए 'बॉर्डर' सिर्फ एक फिल्म नहीं थी जिसमें मैंने अभिनय किया था। यह एक ज़िम्मेदारी बन गई जिसे मैंने कैमरे बंद होने के बहुत बाद तक निभाया। वर्षों बाद, तुम्हें वर्दी पहने देखना एक तरह से उस पल को फिर से जीवंत कर देता है। ये सिर्फ पुरानी यादों के रूप में नहीं, बल्कि अनुशासन, बलिदान, मौन और साहस को याद दिलाता है।"
उन्होंने आगे लिखा, "यह फिल्म गौरव के बारे में नहीं है। यह फिल्म युद्ध के बारे में नहीं है। यह हमें याद दिलाती है कि शांति क्यों मौजूद है। सीमा वह जगह नहीं है जहां देश समाप्त होता है, यह वह जगह है जहां साहस शुरू होता है और कुछ कहानियां पर्दे पर नहीं रहतीं, वह एक राष्ट्र के हृदय में बस जाती हैं। हम कभी न भूलें कि वह वर्दी वास्तव में देश का प्रतीक है।"
1997 में रिलीज हुई बॉर्डर में सुनील शेट्टी ने भैरो सिंह का रोल निभाया था, जिन्होंने देश की खातिर अपनी जान दांव पर लगा दी थी। फिल्म में अभिनेता की एक्टिंग को खूब सराहा गया था, लेकिन एक समय ऐसा था जब अभिनेता 'बॉर्डर' को करना ही नहीं चाहते थे। जब उन्हें फिल्म ऑफर हुई तो उन्होंने फिल्म के निर्माता जेपी दत्त का नाम सुनते ही फिल्म को ठुकराने का फैसला कर लिया था।
अभिनेता ने जेपी दत्त को लेकर कई बातें सुनी थीं कि वे सेट पर अपनी चलाते हैं और गुस्से में कुछ भी कह देते हैं। एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने कहा था कि बॉर्डर से पहले उन्हें लगा था कि उनकी और दत्त साहब की नहीं बन पाएगी, इसलिए फिल्म करने से मना कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने फिल्म को करने के लिए 'हां' कर दी थी।


