Event : फिजियोथेरिपिस्ट डॉ. वंदना तंवर ने किया गाजियाबाद का नाम रोशन
लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट ने एक सम्मान समारोह का आयोजन किया । इस अवसर पर 17 वर्षों का अनुभव रखने वाली फिजियोथेरिपिस्ट डॉ. वंदना तंवर को उनके उल्लेखनीय

गाजियाबाद, वाईबीएन संवाददाता
लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट ने एक सम्मान समारोह का आयोजन किया । इस अवसर पर 17 वर्षों का अनुभव रखने वाली फिजियोथेरिपिस्ट डॉ. वंदना तंवर को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. वंदना तंवर ने रांची (झारखंड) में आयोजित महिला हॉकी लीग के दौरान अपनी सेवाएं प्रदान की थीं, जहां उन्होंने महिला खिलाड़ियों को न केवल उपचार दिया बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया।
शानदार रहा अनुभव
डॉ. वंदना तंवर ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ गुणवत्ता पूर्ण भोजन के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जिससे महिला खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। लीग के दौरान चोटिल खिलाड़ियों को मालिश, गर्म व ठंडी सिकाई तथा नई तकनीकों के माध्यम से राहत देने और शीघ्र स्वस्थ करने का कार्य उन्होंने किया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
महिला हॉकी लीग का फाइनल मैच 10 जनवरी को खेला गया, जिसमें सराची बंगाल टाइगर्स टीम ने दिल्ली एस.जी. पाईपर के खिलाफ 3-2 से कड़ा मुकाबला खेलते हुए सिल्वर पदक प्राप्त किया। टीम के कोच दीपक ठाकुर के मार्गदर्शन और अनुभव से खिलाड़ियों में जोश और अनुशासन देखने को मिला, जिसका परिणाम टीम की सफलता के रूप में सामने आया। इस उपलब्धि के लिए डॉ. वंदना तंवर को भी सिल्वर मेडल प्रदान किया गया।
खेल भावना हुई मजबूत
डॉ. वंदना तंवर ने अपने संबोधन में कोच दीपक ठाकुर की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों और खिलाड़ियों में आत्मविश्वास पैदा करने की क्षमता से ही टीम को सफलता मिली। उन्होंने कहा कि खेल से समाज और देश में सद्भाव व भाईचारा बढ़ता है और उनका प्रयास रहेगा कि वे खिलाड़ियों को सर्वोत्तम सेवाएं देती रहें।
कार्यक्रम में राम दुलार यादव, फूलमती यादव, अरुण मौर्य, झारखंडे गुप्ता, अमृतलाल चौरसिया, जगन्नाथ प्रसाद, रामेश्वर यादव, राजेंद्र सिंह, हरेंद्र यादव, ब्रह्म प्रकाश, अनिल मिश्र, विजय भाटी, मुनीव यादव, हरिकृष्ण, राजेंद्र यादव, सुभाष यादव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र ने किया, जबकि पंडित विनोद त्रिपाठी ने ज्ञानपीठ संदेश पढ़कर सुनाया। अंत में भारत माता की जय और डॉ. वंदना तंवर जिंदाबाद के नारों से वातावरण गूंज उठा।


