Kanpur News: कारगिल पार्क की सुरक्षा में सेंध, 4.16 लाख के 16 स्पीकर चोरी
कारगिल पार्क से चोरों ने 16 कीमती जेबीएल स्पीकर चोरी कर लिए हैं। इस चोरी में विभाग अब लीपापोती करने और आंकड़े छिपाने में जुटा है।

कानपुर, वाईबीएन संवाददाता। शहर के प्रमुख कारगिल पार्क में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्क की सुरक्षा में तैनात पूर्व सैनिकों की मौजूदगी के बावजूद चोर एक के बाद एक 4.16 लाख रुपए कीमत के 16 स्पीकर चोरी कर ले गए। घटना को 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन नगर निगम न तो चोरों तक पहुंच सका है और न ही सीसीटीवी फुटेज के जरिए ठोस कार्रवाई सामने आ पाई है। मामले में मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
सुरक्षा में तैनात कर्मियों की लापरवाही
कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (KSCL) की ओर से करीब पांच वर्ष पहले पांच करोड़ रुपए की लागत से कारगिल पार्क का सुंदरीकरण कराया गया था। पार्क में सिंथेटिक पाथवे, आकर्षक लाइटिंग, सीसीटीवी कैमरे, चिल्ड्रन पार्क, एलसीडी युक्त कंट्रोल रूम और अंतरराष्ट्रीय कंपनी जेबीएल का म्यूजिक सिस्टम लगाया गया था। पूरे पार्क में पाथवे के किनारे कुल 106 स्पीकर लगाए गए थे, जिन्हें कंट्रोल रूम से संचालित किया जाता था।
बताया जा रहा है कि सुरक्षा में तैनात कर्मियों की लापरवाही का फायदा उठाकर चोरों ने नट-बोल्ट और पेंच खोलकर 16 स्पीकर निकाल लिए और उनकी भूमिगत केबल भी काट दी। यह घटना तब हुई जब पार्क की सुरक्षा के लिए 12 पूर्व सैनिक तैनात हैं, जिन पर हर महीने करीब 2.16 लाख रुपए का वेतन खर्च किया जा रहा है। इनमें चार-चार जवान सुबह, शाम और रात की शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं।
16 की बजाय सिर्फ पांच स्पीकर चोरी होने की सूचना दी
मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। नगर निगम में तैनात 82 पूर्व सैनिकों के सुपरवाइजर बलवान सिंह ने उद्यान अधिकारी को भेजे पत्र में 16 की बजाय सिर्फ पांच स्पीकर चोरी होने की सूचना दी। सुपरवाइजर के अनुसार, 20 दिसंबर की रात पांच स्पीकर चोरी हुए थे, जिसकी जानकारी अगले दिन गार्ड ने दी। साथ ही उन्होंने चोरों की पहचान के लिए लाजपत भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने की संस्तुति भी की है।
दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे
इस पूरे मामले पर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहा कि कारगिल पार्क में हुई चोरी की जांच कराई जाएगी। चोरों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी स्तर पर मिलीभगत पाई गई, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
पार्क में नियमित रूप से आने वाले लोगों का कहना है कि सुरक्षा कर्मी अकसर मुख्य गेट के पास कुर्सियां डालकर बैठे रहते हैं और पूरे पार्क में गश्त नहीं करते। इसी लापरवाही के चलते चोरों को वारदात को अंजाम देने का मौका मिला।


