व्यापक जनहित में प्रधानमंत्री से यूजीसी बिल में लाई गई नई गाइडलाइन को रद्द करने की मांग
फोरम ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि शिक्षा का मूल उद्देश्य समाज को जोड़ना, सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करना तथा सबका समान बौद्धिक विकास सुनिश्चित करना है।

नोएडा, वाईबीएन डेस्क। नौएडा सिटीजन फोरम द्वारा कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती शालिनी सिंह के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में प्रस्तावित नई गाइडलाइन पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई गई।फोरम ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि शिक्षा का मूल उद्देश्य समाज को जोड़ना, सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करना तथा सबका समान बौद्धिक विकास सुनिश्चित करना है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी की नई गाइड़लाइन पर रोक लगाकर फौरी राहत दी है।
समावेशी हो शिक्षा व्यवस्था
शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो समावेशी हो और किसी भी प्रकार की असमानता, भ्रम या विभाजन को जन्म न दे। फोरम का मानना है कि यूजीसी द्वारा प्रस्तावित नई गाइडलाइन इन मूल उद्देश्यों के विपरीत है फोरम ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से यह मांग की है कि यूजीसी द्वारा लाई गई उक्त नई गाइडलाइन को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, ताकि शिक्षा प्रणाली एवं समाज में समरसता और समानता बनी रहे।
ज्ञापन देने में ये रहे शामिल
इस अवसर पर फोरम की संरक्षक श्रीमती इंद्राणी मुखर्जी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री चक्रधर मिश्रा, सचिव श्रीमती गरिमा त्रिपाठी तथा सहायक विधि सचिव श्री कमल कौशिक भी उपस्थित रहे।NCF की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने आशा व्यक्त की कि सरकार जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।


