Greater Noida: बिल्डर से मेंटेनेंस विवाद, एरोस संपूर्णम की बिजली गुल
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एरोस संपूर्णम में मेंटेनेंस चार्ज बढ़ोतरी के विरोध के बाद घंटों बिजली आपूर्ति ठप। DG से ₹27 प्रति यूनिट बिजली, GNIDA ने दखल दिया।

ग्रेटर नोएडा, वाईबीएन न्यूज। Greater Noida West स्थित एरोस सम्पूर्णम सोसाइटी में मेंटेनेंस फीस बढ़ोतरी के विरोध के बीच कई घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रही। 21 टावरों और करीब 1,768 फ्लैट्स वाली इस सोसाइटी में बिजली कटौती से पानी की सप्लाई बाधित हुई, लिफ्ट बंद रहीं और बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। निवासियों का आरोप है कि बड़ी संख्या में फ्लैट मालिकों द्वारा संशोधित मेंटेनेंस शुल्क देने से इनकार करने और बढ़ोतरी का आधार पूछने के बाद बिल्डर प्रबंधन ने दबाव बनाने के लिए बिजली आपूर्ति रोक दी। इसके बाद सोसाइटी परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
प्राधिकरण और पुलिस के चक्कर काटे
एओए अध्यक्ष दीपंकर कुमार ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और पुलिस के चक्कर लगाने के बावजूद तत्काल सेवाएं बहाल नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि बिजली कटने से आवश्यक सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं और कुछ लोग लिफ्ट में फंस भी गए। हालांकि, बिल्डर की ओर से आरोपों को खारिज करते हुए तकनीकी खराबी को वजह बताया गया। एरोस ग्रुप के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन हेड आलक्षेंद्र सिंह ने कहा कि 2017 से 1.95 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से मेंटेनेंस ली जा रही है और नौ वर्षों से शुल्क में संशोधन नहीं हुआ। कोविड काल में भी मानवीय आधार पर फीस नहीं बढ़ाई गई। 2022 में 2.5 रुपये प्रति वर्गफुट करने का प्रस्ताव विरोध के बाद वापस ले लिया गया था। हाल में शुल्क संशोधन को लेकर अग्रिम नोटिस जारी किए गए थे।
बिल्डर ने कहा- तकनीकी खराबी से आधिक हुई सप्लाई
बिल्डर के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बिजली वितरण कंपनी में तकनीकी खराबी आई, जिसके चलते बिजली बाधित हुई। सीमित रूप से डीजी सेट चलाए गए और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद रात करीब 9–10 बजे डीजी से सप्लाई बहाल हुई, जबकि शनिवार सुबह नियमित बिजली आपूर्ति शुरू हो गई। निवासियों का आरोप है कि डीजी से बिजली ₹27 प्रति यूनिट की दर से दी गई, जिससे करीब 12 घंटे की सप्लाई में कई परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा।
प्राधिकरण ने बिल्डर को जारी किया नोटिस
रेजिडेंट्स ने सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। आरोप है कि शुक्रवार से टावरों में सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं रहे और हाउसकीपिंग सेवाएं भी बंद रहीं, जिससे अस्वच्छ हालात बने। निवासियों ने बिसरख थाने और जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने बिल्डर को नोटिस जारी कर निर्देश दिया कि किसी भी सूरत में मूलभूत सेवाएं बंद न की जाएं।
निवासियों को अब 21 जनवरी का इंतजार
प्राधिकरण ने 21 जनवरी तक सेवाएं जारी रखने और रेजिडेंट्स-बिल्डर के बीच बैठक कर मेंटेनेंस शुल्क तय करने की जानकारी दी। निवासियों को उम्मीद है कि 21 जनवरी की बैठक में इस विवाद का स्थायी और निष्पक्ष समाधान निकलेगा।


