जेवर के पैरा हाईजंपर प्रवीण कुमार को पद्मश्री, गांव में जश्न का माहौल
पैरालंपिक में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले जेवर के गोविंदगढ़ निवासी पैरा हाईजंपर प्रवीण कुमार को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।

ग्रेटर नोएडा, वाईबीएन न्यूज। कड़ी मेहनत, लगन और जुनून के बल पर पैरालंपिक में दो पदक जीतने वाले जेवर के गोविंदगढ़ निवासी पैरा हाईजंपर प्रवीण कुमार को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। यह खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे परिवार और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। पिता अमरपाल सिंह, मां निर्दोष देवी और भाई सचिन समेत परिजनों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर जश्न मनाया। प्रवीण के घर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
बचपन से गांव में वॉलीबॉल टीम का हिस्सा थे प्रवीण
प्रवीण के पिता बताते हैं कि बचपन में वह गांव की वॉलीबॉल टीम का हिस्सा थे और ऊंची छलांग लगाकर तेज शॉट लगाते थे। मां निर्दोष देवी के अनुसार, सातवीं कक्षा के बाद प्रवीण उछलकर घर की छत तक छू लेते थे, जिस पर उन्हें डांट भी पड़ती थी। आज वही ऊंची छलांग उनकी पहचान बन गई।
नौवीं के स्कूल से लंबी कूद में हिस्सा लेना शुरू किया
प्रवीण ने बताया कि गांव में खेल सुविधाओं और मैदान का अभाव था। कक्षा 9 के बाद उन्होंने स्कूल स्तर पर ऊंची और लंबी कूद में हिस्सा लेना शुरू किया और यमुना किनारे रेत में अभ्यास किया। गाजियाबाद के एक खेल आयोजन में उनकी मुलाकात कोच डॉ. सत्यपाल से हुई, जिन्होंने उनकी प्रतिभा पहचानकर प्रशिक्षण देना शुरू किया।
दिव्यांगता के तानों के आगे नहीं मानी हार
दिव्यांगता को लेकर मिले तानों के बावजूद प्रवीण ने हार नहीं मानी। कठिन टी-44 श्रेणी में भी शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। पेरिस 2024 पैरालंपिक में एशियन रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रवीण आज देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।


