Noida News: इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में SIT जांच पूरी
नोएडा सेक्टर-150 में पानी से भरे गड्ढे में गिरकर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में SIT जांच लगभग पूरी हो गई है। लापरवाही पर अधिकारियों पर कार्रवाई संभव।

नोएडा, वाईबीएन न्यूज। यूपी के नोएडा सेक्टर-150 में पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरकर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में गठित विशेष जांच टीम (SIT) की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। शुक्रवार देर रात तक SIT की टीम नोएडा अथॉरिटी के दफ्तर में मौजूद रही और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की।
संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए
SIT ने घटना से संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे SIT नोएडा अथॉरिटी कार्यालय पहुंची, जहां CFO, ACP, SHO, CMO, SDRE के जवानों समेत अथॉरिटी के कई वरिष्ठ अधिकारी फाइलों और अपने जवाबों के साथ मौजूद रहे। टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों से भी विस्तृत पूछताछ की।
90 मिनट में युवराज को क्यों नहीं बचाया जा सका?
सूत्रों के मुताबिक, SIT ने फैक्ट फाइंडिंग लगभग पूरी कर ली है। जांच का सबसे अहम बिंदु यह रहा कि करीब 90 मिनट तक मदद की गुहार लगाने के बावजूद युवराज को क्यों नहीं बचाया जा सका। रेस्क्यू के दौरान उपकरणों के इस्तेमाल, जवानों के पानी में उतरने और समय पर कार्रवाई न होने को लेकर सवाल-जवाब किए गए हैं।
टीम ने गुरुवार को मौके का दौरा किया था
इससे पहले गुरुवार को SIT की टीम ने एक बार फिर घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इसके साथ ही नोएडा अथॉरिटी पहुंचकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, जिलाधिकारी और अथॉरिटी अफसरों से जवाब-तलब किया गया और उनसे रिपोर्ट लेकर बयान दर्ज किए गए।
आज सीएम को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
माना जा रहा है कि SIT अपनी जांच रिपोर्ट शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। रिपोर्ट के बाद लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है, जिसमें नोएडा अथॉरिटी के संबंधित विभागों के कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
क्या हुआ था युवराज के साथ?
बताया जा रहा है कि 16-17 जनवरी की रात इंजीनियर युवराज मेहता गुरुग्राम से अपने घर लौट रहे थे। घने कोहरे के बीच सेक्टर-150 में एक तीखे मोड़ पर उनकी कार सड़क से फिसलकर एक गहरे, पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी। यह गड्ढा एक निर्माणाधीन साइट के पास लंबे समय से खुला पड़ा था और वहां कोई बैरिकेडिंग नहीं थी। हादसे के बाद युवराज करीब दो घंटे तक मदद के लिए संघर्ष करते रहे, लेकिन समय पर रेस्क्यू नहीं हो सका। बाद में कार पूरी तरह गहरे पानी में डूब गई और युवराज की दर्दनाक मौत हो गई।


