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Noida News: पिता बोले– प्रशासनिक लापरवाही ने ली युवराज की जान

युवराज मेहता मौत मामले में पिता राजकुमार मेहता ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया। कहा– समय पर बचाव होता तो बेटे की जान बच सकती थी, कड़ी कार्रवाई की मांग।

Noida News: पिता बोले– प्रशासनिक लापरवाही ने ली युवराज की जान
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ग्रेटर नोएडा, वाईबीएन न्यूज। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पिता राजकुमार मेहता ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- समय पर बचाव होता तो बेटे की जान बच सकती थी। राजकुमार ने एसआईटी जांच पर भरोसा जताते हुए यूपी सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित करने के आदेश दिए थे। एसआईटी अपनी जांच पूरी कर चुकी हैं।

बोले- समय पर रेस्क्यू होता तो बच जाती जान

नोएडा के सेक्टर-150 में पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरकर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में उनके पिता राजकुमार मेहता ने भावुक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह हादसा पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है और यदि समय पर सही तरीके से बचाव कार्य किया जाता, तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। राजकुमार मेहता ने कहा कि बेटे की असमय और दर्दनाक मौत ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया था, लेकिन मीडिया और समाज के समर्थन ने उन्हें न्याय की लड़ाई लड़ने की ताकत दी।

बोले- युवराज साहसी था, दो घंटे तक संघर्ष किया

राजकुमार मेहता ने कहा कि युवराज बेहद साहसी था और पानी से भरे गड्ढे में गिरने के बाद भी उसने लगभग दो घंटे तक संघर्ष किया, जिससे बचाव के लिए पर्याप्त समय मिला। पुलिस भी मौके पर कुछ नहीं कर पाई। रेस्क्यू ऑपरेशन बिल्कुल जीरो रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद रेस्क्यू टीम ने गंभीर लापरवाही बरती और युवराज को भगवान भरोसे छोड़ दिया, जबकि उसे आसानी से सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता था।

“युवराज को पूर्ण न्याय संभव नहीं, दोषियों को सजा मिले”

पिता ने कहा कि युवराज तो अब कभी वापस नहीं आएगा, इसलिए उसके लिए पूर्ण न्याय संभव नहीं है, लेकिन यह बेहद जरूरी है कि इस मामले में दोषी विभागों और लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। राजकुमार मेहता ने यूपी सरकार द्वारा मामले का संज्ञान लेते हुए एसआईटी जांच कराए जाने पर संतोष जताया और कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, ताकि किसी और परिवार को युवराज जैसी त्रासदी न झेलनी पड़े।


Dhiraj Dhillon

Dhiraj Dhillon

धीरज ढिल्लों दो दशकों से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान दैनिक हिंदुस्तान और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में गहन रिपोर्टिंग की है। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ, उन्होंने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी काम किया है। उनकी लेखनी में निष्पक्षता, तथ्यपरकता और गहरी विश्लेषण क्षमता स्पष्ट रूप से झलकती है। समसामयिक विषयों के साथ-साथ स्वास्थ्य, जीवनशैली, विकास संबंधी मुद्दों और राजनीति में उनकी गहरी रुचि रही है। उन्होंने पांच वर्षों तक Centre for Advocacy & Research (CFAR) के साथ मिलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य संचार कार्य किया है।

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