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रामपुर 17 माह से सीएम डैशबोर्ड में अव्वल, महिलाएं बेखौफ, माफिया जेल में

रामपुर बना प्रदेश का नंबर-1 जिला: एसपी विद्या सागर मिश्रा की सख्त पुलिसिंग से अपराधियों का सफाया, 45 एनकाउंटर वाले आईपीएस बने अपराधियों के लिए काल

A Sharma
रामपुर 17 माह से सीएम डैशबोर्ड में अव्वल, महिलाएं बेखौफ, माफिया जेल में
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वाईबीएन संवाददाता, रामपुर। जिले में पिछले 17 महीनों से अधिक समय से तैनात पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्रा की कार्यशैली ने जिले की कानून व्यवस्था की तस्वीर ही बदल दी है। नतीजा यह है कि रामपुर लगातार मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। कभी शाम ढलते ही यहां खौफ का माहौल रहता था, आज यहां महिलाएं और बालिकाएं पूरी तरह सुरक्षित और निडर दिखाई दे रही हैं। आईपीएस विद्या सागर मिश्रा के नेतृत्व में खाकी वर्दी अपराधियों के लिए काल बनकर सामने आई है। जिले में सक्रिय माफिया, हिस्ट्रीशीटर और संगठित अपराधी या तो जेल की सलाखों के पीछे हैं या फिर जिला छोड़कर पलायन कर चुके हैं। अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति ने रामपुर को प्रदेश के सबसे सुरक्षित जिलों की कतार में ला खड़ा किया है।

यूपी पुलिस फोर्स में सख्त और बेबाक अफसर के रूप में पहचाने जाने वाले विद्या सागर मिश्रा के नाम 45 से अधिक एनकाउंटर दर्ज हैं। वर्ष 2008 के चर्चित जौनपुर डकैती कांड में तीन कुख्यात बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर कर उन्होंने अपराध जगत की कमर तोड़ दी थी। जहां-जहां उनकी तैनाती रही, वहां अपराधी थर-थर कांपते नजर आए। रामपुर में बतौर एसपी तैनाती के दौरान महिला अपराधों पर उनकी संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई ने मिसाल कायम की है। दिसंबर 2024 में पांच साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में मात्र सात दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कराई। 45 दिन के अंदर आरोपी को उम्रकैद की सजा दिलाकर न्याय की तेज रफ्तार की मिसाल पेश की गई। इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया कि महिलाओं और बच्चों के अपराध में कोई ढिलाई नहीं होगी। विद्या सागर मिश्रा का लंबा और प्रभावशाली सेवा रिकॉर्ड रहा है। हरदोई, अंबेडकरनगर, वाराणसी, जौनपुर, मऊ, सीतापुर, औरैया, लखनऊ जैसे जिलों में सीओ रहने के साथ-साथ बागपत में एडिशनल एसपी, आगरा में एसपी प्रोटोकॉल, सहारनपुर और मुरादाबाद में एसपी देहात तथा प्रतापगढ़ में एडिशनल एसपी के रूप में उन्होंने कई बड़े मामलों का खुलासा किया। आईपीएस बनने के बाद नोएडा में डीसीपी रहते हुए भी उनकी सख्ती की गूंज रही। एसपी विद्या सागर मिश्रा का साफ कहना है, कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शराब माफिया हों या जमीन माफिया, सभी पर एक समान कार्रवाई हो रही है। स्कूल-कॉलेजों के आसपास सादी वर्दी में पुलिस तैनात कर महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

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खाकी वर्दी पर जनता का भरोसा लौटा

आज हालात यह हैं कि रामपुर, जो कभी दंगों और अपराध के लिए बदनाम था, अब बेहतर कानून व्यवस्था की मिसाल बन चुका है। खाकी वर्दी पर जनता का भरोसा लौटा है और अपराधियों के मन में कानून का डर साफ दिखाई दे रहा है।लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए एसपी विद्या सागर मिश्रा को डीजीपी गोल्ड मेडल, सिल्वर मेडल और भारत सरकार के उत्कर्ष सेवा सम्मान से नवाजा जा चुका है। रामपुर में उनकी तैनाती यह साबित कर रही है कि मजबूत इच्छाशक्ति और ईमानदार पुलिसिंग से किसी भी जिले की पहचान बदली जा सकती है।


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