रामपुर में नवाब स्टेशन की भूमि पर पार्क बनाकर नगरपालिका ने की सुप्रीम कोर्ट की अवमानना
अंतिम शासक नवाब रज़ा अली खां की बेटी नवाबज़ादी नाहीद लक़ा बेगम ने नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी के खिलाफ न्यायालय में दाखिल किया वाद, 13 जनवरी को होगी सुनवाई
रामपुर का नवाब स्टेशन फाइल फोटो
वाईबीएन संवाददाता, रामपुर। अंतिम शासक नवाब रज़ा अली खां की 87 वर्षीय बेटी नवाबज़ादी नाहीद लक़ा बेगम ने सिविल जज न्यायालय में रामपुर नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी के खिलाफ वाद दाखिल कर किया है। उन्होंने नवाब स्टेशन की भूमि पर पार्क निर्माण को लेकर नगरपालिका के ईओ पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का आरोप लगाया है और न्यायालय से पालिका के इस अवैध कब्जे को हटवाए जाने की मांग की है।
नवाबज़ादी नाहीद लक़ा बेगम ने सिविल जज के न्यायालय में दाखिल वाद में कहा है कि वो अंतिम शासक नवाब रज़ा अली खां की वारिस हैं। 15 मई 1949 को अंतिम शासक और गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया वीपी मेनन के बीच हुए मर्जर एग्रीमेंट के प्राविधानों के तहत नवाब रज़ा अली खां को अनेक चल और अचल सम्पत्तियां धारित की गईं।
उन्होंने अपने वाद में कहा है कि अंतिम शासक के वारिसाना में सम्पत्ति के विभाजन का मुकदमा 1972 से चला। यह विभाजन वाद वर्तमान समय में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उक्त वाद में अंतिम आज्ञाप्ति 31 जुलाई 2019 को निर्गत हुई है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा बंटवारा तलब सम्पत्तियों का विवरण तैयार करने हेतु पत्रावली जिला जज रामपुर को भेजी। इस कार्यवाही में नवाब खानदान की अचल सम्पत्तियों में एक सम्पत्ति नवाब स्टेशन भी है। इसका क्षेत्रफल 1.898 हेक्टेयर है। उक्त सम्पत्ति में सभी वरिसान हक़दार हैं।
उनका कहना है कि नवाब स्टेशन की बाबत जिला जज द्वारा एक कमीशन भी अधिवक्ता कमीशन के माध्यम से कराया गया था, जिसकी आख्या 25 सितंबर 2020 को न्यायालय में प्रस्तुत की गई। उत्तरी दिशा में नवाब स्टेशन की भूमि के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग 24 स्थित है। नवाब स्टेशन और राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि के बीच कोई शासकीय भूमि अथवा नगरपालिका परिषद की कोई भूमि अथवा पार्क नहीं है। उत्तरी ओर नाली गाटा संख्या 59/2 अवस्थित रही है, जिसके उपरांत राष्ट्रीय राजमार्ग है। नगरपालिका परिषद रामपुर के अधिशासी अधिकारी द्वारा कथित पार्क के निर्माण में उक्त नाली को भी शामिल कर लिया है, जिससे विवादित सम्पत्ति का पानी का ड्रेन पूरी तरह से बंद हो गया है। रेलवे के पानी की निकासी भी बंद हुई है।
वाद में कहा है कि नबाब स्टेशन की उक्त विवादित सम्पत्ति का उपरोक्त स्वरूप में ही उच्चतम न्यायालय के सम्मुख विभाजन होना है, जिसके लिए अन्तिम डिक्री निर्गत भी हो चुकी है। वाद में कहा गया है कि आश्चर्यजनक रूप से नगर पालिका परिषद रामपुर द्वारा नबाब स्टेशन के सामने से अतिक्रमण हटवाने के उपरान्त नबाब स्टेशन की उत्तर व पश्चिम में स्थित एक बड़ी भूमि जिसे वादपत्र के साथ संलग्न नक्शा नजरी में दिखाया गया है पर हदबन्दी कर दी व इस सम्बन्ध में आपत्ति करने पर उनके द्वारा बताया गया कि यह भूमि नबाब स्टेशन की भूमि नहीं है वरन् रामपुर पार्क की भूमि है तथा वे इस भूमि को पार्क के रूप मे ही डवलप करेगें। उक्त कृत्य से नबाब स्टेशन को जाने वाला मार्ग समाप्त प्राय हो गया और नगर पालिका परिषद रामपुर द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग से नबाब स्टेशन जाने हेतु एक सकरा सा रास्ता छोड़ा गया। उक्त कृत्य से सम्पत्ति का फ्रन्ट पूर्णतः समाप्त हो गया और उक्त नबाब स्टेशन पर आने जाने का मार्ग भी अत्यन्त सकरा और बाधित हो गया। विवादित सम्पत्ति नबाब स्टेशन के एक भाग मे ऐतिहासिक महत्व का एक भवन बना हुआ है। यह भवन जनपद रामपुर में आने वाले पर्यटकों के लिए आर्कषण का केन्द्र रहा है। इसके अतिरिक्त उक्त भवन के दक्षिण मे रामपुर के नबाब साहब की व्यक्तिगत रेल लाईन है जिसमें उनके शाही कोच (सैलून) आज भी खड़े हैं, जिन्हें देखने हेतु काफी संख्या मे पर्यटक हमेशा से आते रहे हैं। परन्तु अब मौके पर प्रतिवादी द्वारा जबरिया करवा दिये गये पार्क के निर्माण से नबाब स्टेशन का पर्यटन महत्व समाप्त हो गया है। मौके पर अभिलेखों में कभी भी उक्त स्थान पर कोई पार्क अस्तित्व मे नहीं रहा है।
वाद में कहा गया है कि विवादित सम्पत्ति का मौके के अनुसार कुल क्षेत्रफल 16993.23 स्क्वायर यार्ड है, जिसमें से 8390.36 वर्ग भूमि पर नगरपालिका द्वारा जबरिया पार्क का निर्माण कर दिया गया है। उक्त सम्पत्ति नबाब स्टेशन के स्वरूप को परिवर्तित करके उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना व अवमानना करने का अक्षम्य कार्य किया गया है।
उन्होंने न्यायालय से मांग की है की नगरपालिका परिषद को आदेशित किया जाये कि विवादित सम्पत्ति के भू-भाग से पार्क की संरचना को अपने व्यय पर हटाकर उसे पूर्व के रूप मे कर दें और यदि नगरपालिका ऐसा करने में असफल रहे तो न्यायालय अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुये इस कार्य को प्रतिवादी के व्यय पर स्वयं करवा दें।
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कोर्ट से नोटिस जारी, 13 जनवरी को होगी सुनवाई
नवाबज़ादी नाहीद लक़ा बेगम द्वारा वाद दायर किए जाने के बाद सिविल जज (सीनियर डिविजन) की ओर से सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाजन का मुकदमा लड़ रहीं तलत फातिमा हसन समेत कई अन्य पक्षकारों को भी नोटिस मिल गए हैं। नवाबज़ादी नाहीद लक़ा बेगम के अनुसार इस मामले की सुनवाई 13 जनवरी 2026 को होगी।
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जबरिया पार्क निर्माण किया गया
नवाब स्टेशन का कुल क्षेत्रफल 16993.23 स्क्वायर यार्ड है, जिसमें से 8390.36 वर्ग भूमि पर नगरपालिका द्वारा जबरिया पार्क का निर्माण कर दिया गया है। उक्त सम्पत्ति नबाब स्टेशन के स्वरूप को परिवर्तित करके उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना व अवमानना करने का अक्षम्य कार्य किया गया है।
-नवाबज़ादी नाहीद लक़ा बेगम, अंतिम शासक की बेटी





