निकोलस मदुरो की गिरफ्तारी के खिलाफ डोनाल ट्रंप पर UN में रामपुर के आरटीआई एक्टिविस्ट ने कराया केस दर्ज
दानिश खान रामपुर के रहने वाले एक प्रसिद्ध आरटीआई कार्यकर्ता और 'डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस' के निदेशक हैं
रामपुर, वाईबीएन नेटवर्क। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो की अमेरिकी सेना द्वारा की गई गिरफ्तारी का मामला अब संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के निवासी और 'डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस' के डायरेक्टर दानिश खान ने इस कार्रवाई के विरोध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में मामला दर्ज कराया है।
"यह गिरफ्तारी नहीं, अपहरण है"
दानिश खान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दी गई अपनी शिकायत में तर्क दिया है कि अमेरिकी सेना द्वारा एक संप्रभु राष्ट्र के राष्ट्रपति को हिरासत में लेना अंतरराष्ट्रीय कानूनों और वियना कन्वेंशन का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा:
"किसी दूसरे देश की सीमा में घुसकर वहां के निर्वाचित राष्ट्रपति को उठाना कानूनी गिरफ्तारी नहीं बल्कि अपहरण की श्रेणी में आता है। यह कदम वैश्विक शांति और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के लिए खतरा है।"
रामपुर से उठी आवाज: रामपुर के सामाजिक कार्यकर्ता दानिश खान ने डीके फाउंडेशन के माध्यम से इस हाई-प्रोफाइल मामले को यूएन में उठाया है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में की गई यह कार्रवाई मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की गरिमा के खिलाफ है।
वैश्विक हलचल: ज्ञात हो कि हाल ही में अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला में एक गुप्त ऑपरेशन चलाकर निकोलस मदुरो को हिरासत में लिया था, जिसके बाद से पूरी दुनिया में तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
चीन और अन्य देशों का रुख: जहाँ एक तरफ चीन और रूस ने इस कार्रवाई की निंदा की है, वहीं रामपुर से दर्ज कराया गया यह मामला अंतरराष्ट्रीय कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कौन हैं दानिश खान?
दानिश खान रामपुर के रहने वाले एक प्रसिद्ध आरटीआई कार्यकर्ता और 'डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस' के निदेशक हैं। इससे पहले भी वह 'न्याय की देवी' की आंखों से पट्टी हटवाने के लिए की गई अपनी लंबी कानूनी लड़ाई और आरटीआई के लिए चर्चा में रहे हैं।


