जमशेदपुर से अपहृत कारोबारी कैरव गांधी सकुशल बरामद, बिहार किडनैपिंग गिरोह का खुलासा
जमशेदपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, हजारीबाग–बिहार सीमा पर ट्रांजिट के दौरान हुआ रेस्क्यू

जमशेदपुर वाईबीएन डेस्क : जमशेदपुर से अगवा किए गए कारोबारी कैरव गांधी को पुलिस ने सकुशल बरामद कर उनके परिवार को सौंप दिया है। पुलिस ने यह सफलता हजारीबाग जिले के चौपारण क्षेत्र में बिहार बॉर्डर के पास हासिल की। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कैरव गांधी को सुरक्षित उनके आवास तक पहुंचाया गया।
एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा था कारोबारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस अपहरण कांड के पीछे बिहार का एक सक्रिय किडनैपिंग गिरोह शामिल था। पुलिस के अनुसार अपहरणकर्ता कारोबारी को रोजाना अलग-अलग ठिकानों पर ले जाकर छिपा रहे थे। इसी बीच पुलिस को इनपुट मिला कि कैरव गांधी को चौपारण के आसपास बिहार की ओर ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की। पुलिस की घेराबंदी देख अपराधी कैरव गांधी को कार में छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने कारोबारी को सुरक्षित कब्जे में ले लिया।
परिजनों ने जताया पुलिस के प्रति आभार
इस मामले पर सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मानव केडिया ने बताया कि जमशेदपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कैरव गांधी को आज सुबह करीब साढ़े चार बजे उनके परिवार को सौंप दिया।
देवांग गांधी ने इस सफल अभियान के लिए सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, स्थानीय पुलिस और झारखंड पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
13 जनवरी को हुआ था अपहरण
गौरतलब है कि उद्यमी एवं ASIA के उपाध्यक्ष देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी 13 जनवरी 2026 की दोपहर अचानक लापता हो गए थे। बाद में उनकी कार सरायकेला जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में एक होटल के पास लावारिस हालत में मिली थी। वहीं, कैरव गांधी के मोबाइल की अंतिम लोकेशन जमशेदपुर के सोनारी इलाके में ट्रेस हुई थी, जिसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया था।
लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने इस अपहरण कांड का खुलासा करते हुए कारोबारी को सकुशल बरामद कर लिया


