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शिक्षक समायोजन पर भड़का आक्रोश, विधायक के हस्तक्षेप से धरना स्थगित

संयुक्त शिक्षक संघर्ष समिति के आंदोलन के आगे झुका विभाग, अन्तः जनपदीय समायोजन 2 फरवरी 2026 तक स्थगित

शाहजहांपुर, वाईबीएन संवाददाताः जनपद में हाल ही में किए गए अन्तः जनपदीय शिक्षक समायोजन/स्थानांतरण को लेकर उठे विरोध के स्वर आखिरकार विधायक के हस्तक्षेप के बाद थम गए। संयुक्त शिक्षक संघर्ष समिति (बेसिक) के बैनर तले विभिन्न शिक्षक संगठनों द्वारा खिरनीबाग रामलीला मैदान में चल रहा धरना-प्रदर्शन मंगलवार को समाप्त कर दिया गया। विधायक ददरौल अरविंद कुमार सिंह के हस्तक्षेप और बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

शिक्षक संगठनों का आरोप था कि किया गया समायोजन उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली-1981, शासनादेशों तथा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। शिक्षकों का कहना था कि उच्च न्यायालय द्वारा Last In First Out सिद्धांत को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बावजूद उसी आधार पर प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों का समायोजन कर दिया गया, जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है।

संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि नियम-21 के तहत किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण उसकी सहमति या अनुरोध के बिना नहीं किया जा सकता, इसके बावजूद जनपद में शिक्षकों की सहमति के बिना सामूहिक अन्तः जनपदीय समायोजन कर दिया गया। दिव्यांग, गंभीर बीमारी से ग्रस्त एवं महिला शिक्षिकाओं के मामलों में अनदेखी, शिक्षामित्रों की गणना किए जाने और प्रक्रिया में पारदर्शिता न बरतने के आरोप भी लगाए गए।

धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर ददरौल विधायक अरविंद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिव्या गुप्ता को अनशन स्थल पर बुलाकर शिक्षकों की समस्याएं सुनीं। विधायक के समक्ष हुई वार्ता के बाद बीएसए ने घोषणा की कि जनपद में किया गया शिक्षक समायोजन 2 फरवरी 2026 तक स्थगित रहेगा। जिन शिक्षकों ने समायोजन के बाद कार्यभार ग्रहण कर लिया था, उन्हें पुनः उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजा जाएगा।

वार्ता के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में समायोजन शासनादेशों के अनुरूप पहले न्याय पंचायत स्तर पर, फिर उसी विकासखंड में और उसके बाद ही निकटवर्ती विकासखंड में किया जाएगा। गंभीर बीमारी, दिव्यांगता एवं महिला शिक्षकों के मामलों में काउंसिलिंग के माध्यम से निर्णय लिए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि समायोजन निरस्तीकरण का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई 2 फरवरी को निर्धारित है।

आश्वासनों के बाद संयुक्त शिक्षक संघर्ष समिति ने आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा करते हुए विधायक अरविंद कुमार सिंह का आभार जताया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय या शासनादेशों की अनदेखी हुई तो आंदोलन पुनः शुरू किया जाएगा।

धरना-प्रदर्शन एवं क्रमिक अनशन में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, यूटा, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, बीटीसी शिक्षक संघ, कौमी उर्दू शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।




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