दोषपूर्ण समायोजन प्रक्रिया रद्द हो, पारदर्शी व्यवस्था से हो पुनः समायोजन : यूटा
- शिक्षक समायोजन में अनियमितता को लेकर यूटा का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन, समस्याओं के निस्तारण का मिला आश्वासन
शाहजहांपुर, वाईबीएन संवाददाता : जनपद में शिक्षक स्थानांतरण–समायोजन को लेकर व्याप्त गंभीर अनियमितताओं के विरोध में मंगलवार को यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के बैनर तले दर्जनों शिक्षक कलक्ट्रेट पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।
यूटा जिलाध्यक्ष विनीत कुमार गंगवार एवं जिला महामंत्री हरिशंकर के नेतृत्व में शिक्षकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए वर्तमान समायोजन प्रक्रिया को दोषपूर्ण, पक्षपातपूर्ण और नियमविरुद्ध बताते हुए इसे निरस्त कर पुनः पूर्ण पारदर्शी प्रक्रिया से लागू करने की मांग की।
जिलाधिकारी को पढ़कर सुनाया गया ज्ञापन
यूटा जिलाध्यक्ष विनीत गंगवार ने जिलाधिकारी को अनियमिताओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को पढकर सुनाया। शिक्षक समायोजन में हुई अनियमितताओं से बिंदुवार अवगत कराया। जिलाधिकारी ने शिक्षकों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया और जांच कर कार्रवाई की बात कही।
शासनादेश के निर्देशों की खुली अनदेखी का आरोप
यूटा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अंतः जनपदीय स्थानांतरण/समायोजन में शासनादेश के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। कहा कि शासनादेश में स्पष्ट है कि अधिक अध्यापक वाले विद्यालयों से शिक्षक विहीन और एकल विद्यालयों में समायोजन कर हर विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक सुनिश्चित किए जाएं, लेकिन इसके विपरीत—
150 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों से प्रधानाध्यापक हटा दिए गए
कई विद्यालय शिक्षक विहीन और एकल कर दिए गए
कम छात्र संख्या के बावजूद प्रधानाध्यापक नहीं हटाए गए
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जनपद के कई विद्यालयों में 150 से कम छात्र संख्या होने के बावजूद जानबूझकर प्रधानाध्यापकों का समायोजन नहीं किया गया, जबकि अन्य विद्यालयों से प्रधानाध्यापक हटाकर असंतुलन पैदा किया गया।
महिला, दिव्यांग और वरिष्ठ शिक्षकों के साथ अमानवीय व्यवहार
यूटा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिव्यांग, गंभीर रोगी, महिला, वरिष्ठ शिक्षक को 40 से 50 किलोमीटर दूर के दूरस्थ ब्लॉकों में स्थानांतरित कर दिया गया, जो मानवीय और नियमगत दोनों दृष्टि से अनुचित है।
सेवानिवृत्ति से पहले बदले गए विद्यालय
ज्ञापन में बताया गया कि 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को भी दूरस्थ ब्लॉकों में भेज दिया गया, जबकि उनकी सेवा अवधि मात्र दो माह शेष है। प्रभावित सेवानिवृत्त शिक्षकों में सुषमा गुप्ता – जलालाबाद (मऊ खास), रीता कुमारी – प्राथमिक विद्यालय आलापुर से जलालाबाद, राम मोहन आदि शामिल है। यूटा का कहना है कि सत्र लाभ और मानवीय आधार की पूरी तरह अनदेखी की गई।
हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप
यूटा ने कहा कि उच्च न्यायालय की ओर से कनिष्ठ शिक्षकों के समायोजन पर रोक के बावजूद सरप्लस कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन कर दिया गया, जो सीधे तौर पर न्यायालय की अवहेलना है।
एकल विद्यालयों में शिक्षक नहीं, कहीं दो-दो तैनाती
स्थानांतरण–समायोजन में भारी असंतुलन का आरोप लगाते हुए कहा गया कि—
कई शिक्षक विहीन और एकल विद्यालयों में कोई शिक्षक नहीं भेजा गया
वहीं कई एकल विद्यालयों में दो-दो शिक्षक भेज दिए गए
जिससे समायोजन के बाद भी कई विद्यालय शिक्षक विहीन रह गए।
80% शिक्षकों को 50–60 किमी दूर भेजा गया
यूटा ने राजफाश किया कि कुछ ब्लॉकों में 80 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों को उनके कार्यरत या पड़ोसी ब्लॉक में न समायोजित कर 50 से 60 किलोमीटर दूर भेज दिया गया, जिससे शिक्षक मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।
ज्ञापन में सवाल उठाया गया कि जनपद में विद्यालय आवंटन किस नियम और किस शासनादेश के तहत किया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
पुनः काउंसलिंग से समायोजन की मांग
यूटा ने मांग की कि दोषपूर्ण समायोजन प्रक्रिया तत्काल रद्द की जाएं। काउंसलिंग के माध्यम से विद्यालय आवंटन हो। शिक्षकों को ग्राम पंचायत , न्याय पंचायत , ब्लॉक या पड़ोसी ब्लॉक में ही समायोजित किया जाए
भावलखेड़ा ब्लॉक में समायोजन बना बड़ा मुद्दा
यूटा जिलाध्यक्ष ने कहा कि भावलखेड़ा ब्लॉक के 67 शिक्षकों का समायोजन किया गया, लेकिन, केवल 11 शिक्षकों को ही ब्लॉक में विद्यालय मिला। इनमें 5 महिलाएं शामिल हैं। 2 महिला शिक्षिकाएं मार्च 2026 में सेवानिवृत्त होने वाली हैं
पड़ोस के विद्यालय देने पर पक्षपात का आरोप
यूटा ने बीएसए पर आरोप लगाया कि छह पुरुष शिक्षकों को पड़ोस का विद्यालय दिया गया।
पड़ोस में समायोजित शिक्षक देवदत्त – फिरोजपुर से सिसौआ, मंगरेलाल – ऐंठापुर हुसैनपुर से सिमरई, आदर्श कुमार श्रीवास्तव पीएस बहादुरपुर से पीएस गुंवारी, अजय कुमार माथुर – दनियापुर से बादशाहनगर, अभिषेक दीक्षित – जमालपुर से कुरसंडा भेजे गए हैं। यूटा ने स्पष्ट किया कि यदि समायोजन में सुधार नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। जिले भर के शिक्षक इस प्रक्रिया से बेचैन और मानसिक रूप से परेशान हैं।
नगर विकल्प के बावजूद दूरस्थ ब्लॉक भेजी गई शिक्षिका
भावलखेड़ा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय टिक्कल में कार्यरत वंदना रस्तोगी ने नगर क्षेत्र का विकल्प दिया था, इसके बावजूद उन्हें जलालाबाद ब्लॉक भेज दिया गया। ज्ञापन देने वाले शिक्षकों में जिलाध्यक्ष विनीत कुमार गंगवार के अलावा जिला महामंत्री हरिशंकर, मनोज शर्मा (जिला संरक्षक), मसरूफ अली (वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष), पृथ्वीराज (जिला कोषाध्यक्ष), अवनीश कुमार ,सिंह (संयुक्त महामंत्री), शिव सिंह (सोशल मीडिया प्रभारी), राघवेंद्र कुशवाहा (मंत्री), दीपक पाल (जिला उपाध्यक्ष), विधु शेखर (ब्लॉक अध्यक्ष, भावलखेड़ा), नितिन वर्मा (ब्लॉक मंत्री, भावलखेड़ा), राजवीर गौतम, सोन पाल, अखिलेश कुमार, वारिस अली, ओमप्रकाश वर्मा, अमित कुमार रजत आदि शामिल रहे।





