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शाहजहांपुर से जुड़ा रहा संत रामविलास वेदांती का आत्मीय संबंध

ग्राम संस्कृति महोत्सव से गांव–गांव तक सांस्कृतिक चेतना जगाने का किया प्रयास, डा विजय पाठक बने परमशिष्य

शाहजहांपुर से जुड़ा रहा संत रामविलास वेदांती का आत्मीय संबंध
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शाहजहांपुर, वाईबीएन संवाददाता : अयोध्या राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तंभ और वशिष्ठ पीठाधीश्वर डॉ. रामविलास वेदांती का शाहजहांपुर से गहरा और आत्मीय संबंध रहा। वेदांती जी कई बार जनपद में आए और यहां आयोजित ग्राम संस्कृति महोत्सवों के माध्यम से ग्रामीण समाज को सांस्कृतिक रूप से जागृत करने का प्रयास किया। वह अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके विचार और उपस्थिति आज भी लोगों की स्मृतियों में जीवित हैं।

बमरौली और सिंधौली में ग्राम संस्कृति महोत्सव

वर्ष 2017 में शाहजहांपुर के बमरौली गांव में आयोजित ग्राम संस्कृति महोत्सव में डॉ. रामविलास वेदांती ने शामिल हुए थे। इसके बाद सिंधौली विकासखंड के कटौल गांव में भी ग्राम संस्कृति महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें वेदांती जी की सहभागिता ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। इन आयोजनों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक संवाद की नई शुरुआत की।

ग्राम संस्कृति महोत्सव की श्रृंखला के सूत्रधार

डॉ. रामविलास वेदांती ने ग्राम संस्कृति महोत्सव की एक संगठित श्रृंखला शुरू कर ग्रामीण समाज को अपनी परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रभाव से जोड़ने का कार्य किया। शाहजहांपुर इस श्रृंखला का महत्वपूर्ण केंद्र रहा, जहां उनके विचारों को स्थानीय लोगों ने खुले मन से स्वीकार किया।

राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी नेता

वेदांती जी राम जन्मभूमि संघर्ष समिति के सचिव रहे और बाद में राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आंदोलन के दौरान वे 25 बार से अधिक जेल गए। एक दिन में उन पर सौ से अधिक मुकदमे दर्ज होने की घटनाएं भी आंदोलन के इतिहास का हिस्सा रहीं।

संघर्ष, संकल्प और साधना का जीवन

डॉ. रामविलास वेदांती का जीवन संघर्ष, त्याग और संकल्प का प्रतीक रहा। राम मंदिर आंदोलन के कठिन दौर में उन्होंने हर परिस्थिति का सामना किया और अपने संकल्प से कभी पीछे नहीं हटे। उनके व्यक्तित्व ने संत, संगठनकर्ता और योद्धा—तीनों रूपों को एक साथ जीवंत किया।

अयोध्या में दी गई जल समाधि

डॉ. रामविलास वेदांती को अयोध्या में विधि-विधान के साथ जल समाधि दी गई। सोमवार को दिन में लगभग साढ़े बारह बजे तीन से चार बार जल समाधि की प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में संत, शिष्य और अनुयायी उपस्थित रहे। यह क्षण भावुक और ऐतिहासिक रहा।

अंतिम दर्शन को उमड़े दिग्गज

वेदांती जी के अंतिम दर्शन के लिए अयोध्या में संत समाज और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े अनेक प्रमुख लोग पहुंचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विनय कटियार समेत अनेक संत, नेता और आंदोलन के साथी मौजूद रहे। हामिद अंसारी भी पक्षकार के रूप में इस ऐतिहासिक संघर्ष से जुड़े रहे।

शाहजहांपुर से पहुंचे शिष्य बने साक्षी

शाहजहांपुर से उनके परम शिष्य डॉ. विजय पाठक और राहुल मिश्रा अयोध्या पहुंचे और अपने गुरु की जल समाधि के साक्षी बने। डॉ. विजय पाठक ने बताया कि वेदांती जी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

स्मृतियों में जीवित रहेंगे वेदांती जी

शाहजहांपुर में वेदांती जी की यात्राएं, ग्राम संस्कृति महोत्सव और उनके ओजस्वी विचार आज भी लोगों की स्मृतियों में जीवित हैं। ग्रामीण भारत को संस्कृति और राष्ट्रवाद से जोड़ने का उनका प्रयास हमेशा याद किया जाएगा।


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