शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोके जाने पर हिंदू युवा संगठन का प्रदर्शन
प्रयागराज की घटना के विरोध में कलेक्ट्रेट में नारेबाजी, दोषी पुलिस अफसरों पर कार्रवाई और माफी की मांग
शाहजहांपुर, वाईबीएन संवाददाताः प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को गंगा स्नान से रोके जाने और उनके शिष्यों के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर जनपद में आक्रोश देखने को मिला। बुधवार को हिंदू युवा संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
हिंदू युवा संगठन के संरक्षक राजेश अवस्थी के नेतृत्व में पहुंचे पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रयागराज में शंकराचार्य को गंगा स्नान से वंचित किया गया, जबकि उनके शिष्यों को शिखा पकड़कर घसीटा गया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। संगठन का कहना है कि यह घटना न केवल सनातन धर्म के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है।
संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रयागराज पुलिस प्रशासन द्वारा शंकराचार्य से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक गंगा स्नान कराने की मांग भी की गई।
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने एक स्थानीय मुद्दे को भी उठाया। पदाधिकारियों का आरोप है कि बंडा क्षेत्र में बीते एक वर्ष के दौरान सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कई धार्मिक स्थलों का निर्माण कर लिया गया है। इससे भविष्य में साम्प्रदायिक तनाव की आशंका बनी हुई है। संगठन ने ऐसे सभी अवैध निर्माणों पर तत्काल बुलडोजर कार्रवाई करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की मांग की।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर संगठन को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं को संबंधित स्तर पर भेजकर जांच कराई जाएगी।




