अपराध के आंकड़ों ने खोली पोल? जन सुराज का दावा, 2015 के बाद बिहार में 80% बढ़ा क्राइम ग्राफ
जन सुराज पार्टी का दावा है कि 2015 के बाद बिहार में अपराध 80% से ज्यादा बढ़ा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए।

स्टेट ब्यूरो, पटना. बिहार की कानून-व्यवस्था एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गई है। चुनावी माहौल से पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए अपराध के आंकड़ों को लेकर बड़ा दावा किया है। पार्टी का कहना है कि पिछले करीब एक दशक में बिहार में अपराध की रफ्तार चिंताजनक स्तर तक पहुंच चुकी है और सरकार हालात संभालने में नाकाम साबित हुई है।
पटना स्थित जन सुराज पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेता और हिमाचल प्रदेश के पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक जय प्रकाश सिंह ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2015 से 2024 के बीच बिहार में दर्ज आपराधिक मामलों में 80 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि इसी अवधि में पूरे देश में अपराध महज 24 प्रतिशत बढ़ा है। उनके अनुसार यह अंतर साफ इशारा करता है कि बिहार में अपराध का ग्राफ राष्ट्रीय औसत से कहीं तेज गति से ऊपर गया है।
जय प्रकाश सिंह ने कहा कि ये आंकड़े केवल कागजी गणना नहीं हैं, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े डर और असुरक्षा की कहानी बयां करते हैं। उनका आरोप है कि राज्य सरकार अपराध की वास्तविक स्थिति को स्वीकार करने से बच रही है और कानून-व्यवस्था को लेकर बनाई गई नीतियां जमीनी स्तर पर असर नहीं दिखा पा रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले दस वर्षों में बिहार में करीब 80 हजार से एक लाख ऐसे आपराधिक मामले लंबित पड़े हैं, जिनमें अदालतों द्वारा वारंट जारी हो चुके हैं या कुर्की-जब्ती के आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
जन सुराज नेता का कहना है कि जब इतने बड़े पैमाने पर मामलों का निपटारा नहीं होता, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ना स्वाभाविक है। इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है, जिनमें कानून का डर धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया और न्यायालयों के आदेशों पर सख्ती से अमल नहीं हुआ, तो अपराध पर नियंत्रण केवल भाषणों तक ही सीमित रह जाएगा।
पार्टी नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की कि अपराध के आंकड़ों पर राजनीति करने के बजाय ईमानदारी से हालात को स्वीकार किया जाए और ठोस सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उनका कहना था कि बिहार की जनता सुरक्षित माहौल चाहती है और कानून-व्यवस्था में सुधार अब विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है। जन सुराज पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में वह अपराध और सुरक्षा जैसे मुद्दों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाती रहेगी।


