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तीन महीने का अल्टीमेटम: बिहार की सड़कों से गड्ढे हटेंगे, लापरवाह ठेकेदारों पर गिरेगी गाज

बिहार की सड़कों से गड्ढे हटाने के लिए सरकार सख्त हुई। ठेकेदारों को 3 महीने की मोहलत, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई तय। पढ़ें पूरी खबर।

तीन महीने का अल्टीमेटम: बिहार की सड़कों से गड्ढे हटेंगे, लापरवाह ठेकेदारों पर गिरेगी गाज
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स्टेट ब्यूरो, पटना. पटना से सख्त संदेश आया है कि अब बिहार की सड़कों पर गड्ढों के लिए कोई जगह नहीं होगी। पथ निर्माण विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राज्य की सभी सड़कों की मरम्मत और दुरुस्ती का काम तीन महीने के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। इस समयसीमा के बाद यदि किसी सड़क पर लापरवाही दिखी तो जिम्मेदार ठेकेदारों और इंजीनियरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय मानी जाएगी। यह बात उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने साफ शब्दों में कही।

बनभाग स्थित पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान मंत्री ने कहा कि बेहतर सड़कें सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि विकास की बुनियाद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीते वर्षों में बिहार ही नहीं, पूरे देश में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सड़क गुणवत्ता को लेकर लगातार सख्त कदम उठा रही है। “गड्ढा दिखाओ, इनाम पाओ” जैसी पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब जवाबदेही तय करने का दौर है और काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ नई सड़कें बनाना नहीं, बल्कि बनी हुई सड़कों को लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित रखना है। इसी सोच के तहत पथ निर्माण विभाग को अलर्ट मोड में रखा गया है। तीन महीने की मोहलत को उन्होंने अंतिम अवसर बताते हुए कहा कि इसके बाद जांच और कार्रवाई दोनों तेज होंगी।

राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से विपक्ष बौखलाया हुआ है और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने वीबीजी राम जी योजना को मनरेगा से ज्यादा प्रभावी और पारदर्शी बताते हुए कहा कि इसका सीधा लाभ ग्रामीण और कमजोर वर्गों तक पहुंच रहा है।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर डॉ. जायसवाल ने दो टूक कहा कि नीतीश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य है, चाहे वह व्यक्ति गरीब हो या साधारण वेश में। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अनादर की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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