बिहार पुलिस का कड़ा संदेश: लॉरेंस विश्नोई गैंग वाले कुख्यात परमानंद यादव एनकाउंटर में घायल, नेटवर्क पर शिकंजा
पटना के मसौढ़ी में तड़के बिहार पुलिस और कुख्यात अपराधी परमानंद यादव के बीच एनकाउंटर हुआ। गोली लगने से बदमाश घायल, अंतरराज्यीय गैंग और लॉरेंस बिश्नोई कनेक्शन की जांच तेज।

स्टेट ब्यूरो, पटना. बिहार की पहचान अक्सर राजनीति और अपराध के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन पिछले कुछ समय से राज्य की पुलिसिंग की तस्वीर तेजी से बदलती दिख रही है। पटना के मसौढ़ी इलाके में तड़के जो हुआ, वह सिर्फ एक मुठभेड़ नहीं बल्कि उस रणनीति का संकेत है, जिसके जरिए बिहार पुलिस संगठित अपराध के पूरे ढांचे को तोड़ने की कोशिश में जुटी है। सुबह करीब चार बजे का वक्त, जब सड़कों पर सन्नाटा पसरा था, उसी खामोशी को गोलियों की आवाज ने तोड़ दिया।
यह मुठभेड़ उस वक्त हुई जब पुलिस को सूचना मिली कि एक शातिर अपराधी बाइक से भागते हुए जहानाबाद की ओर बढ़ रहा है। यह नाम था परमानंद यादव, झारखंड के लातेहार जिले का रहने वाला और अपराध की दुनिया में जाना-पहचाना चेहरा। बताया जाता है कि उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत दो दर्जन से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम कोई नया नहीं था, बल्कि वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था।
दरअसल, बुधवार रात पुलिस ने कुछ अपराधियों को हिरासत में लिया था। इसी दौरान परमानंद यादव मौका देखकर फरार हो गया। पुलिस के लिए यह महज एक फरारी नहीं थी, बल्कि एक बड़ा खतरा था, क्योंकि ऐसा अपराधी खुले में घूमे तो किसी बड़ी वारदात से इनकार नहीं किया जा सकता। सूचना मिलते ही मसौढ़ी थाना पुलिस को अलर्ट किया गया और इलाके में चेकिंग शुरू कर दी गई।
तड़के के वक्त संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने रुकने के बजाय रफ्तार और बढ़ा दी। इसी अफरा-तफरी में बाइक फिसलकर गिर गई। हालात यहीं से अचानक बिगड़ गए। जमीन पर गिरते ही परमानंद यादव ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। कुछ ही पलों में माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। जवाबी फायरिंग में एक गोली उसके पैर में लगी और वहीं मुठभेड़ खत्म हो गई।
घायल हालत में उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। मौके से हथियार बरामद किया गया और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। पुलिस हर पहलू को तकनीकी और कानूनी तौर पर मजबूत करने में जुटी है, ताकि आगे की कार्रवाई में कोई कमजोरी न रह जाए।
इस पूरे घटनाक्रम पर सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। उनके मुताबिक, फरार अपराधी को रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसने सीधे पुलिस को निशाना बनाया। ऐसे में जवाबी कार्रवाई जरूरी हो गई। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि परमानंद यादव का संबंध राहुल सिंह गैंग से रहा है, जिसके तार कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जाते हैं।
यहीं से यह मामला सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रह जाता। यह मुठभेड़ अंतरराज्यीय और संगठित अपराध के उस जाल की ओर इशारा करती है, जो राज्य की सीमाओं से बाहर तक फैला हुआ है। परमानंद यादव की विदेश यात्रा को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके संपर्क किन लोगों से थे और क्या किसी बड़े नेटवर्क की साजिश रची जा रही थी।


