Top
Begin typing your search above and press return to search.

अटल कैंटिन से दोबारा खाना लेने पर आप पकड़े जाएंगे, दिल्ली सरकार ने लगाए ‘रेटिना स्कैनिंग कैमरे’

इस तकनीक की मदद से कैंटीन के कर्मचारी यह पता लगा सकते हैं कि क्या किसी ग्राहक ने उसी दिन किसी अन्य अटल कैंटीन से भोजन प्राप्त किया है या नहीं।

अटल कैंटिन से दोबारा खाना लेने पर आप पकड़े जाएंगे, दिल्ली सरकार ने लगाए ‘रेटिना स्कैनिंग कैमरे’
X

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। दिल्ली सरकार ने एक ही व्यक्ति को बार-बार भोजन खरीदने से रोकने के लिए सभी अटल कैंटीन में ‘रेटिना-स्कैनिंग कैमरे’ लगाए हैं। रियायती दामों में भोजन अधिक से अधिक लाभार्थियों को उपलब्ध कराने के लिए यह पहल की गई है। इस तकनीक की मदद से कैंटीन के कर्मचारी यह पता लगा सकते हैं कि क्या किसी ग्राहक ने उसी दिन किसी अन्य अटल कैंटीन से भोजन प्राप्त किया है या नहीं।

दोबारा दोपहर का भोजन खरीदने की अनुमति नहीं

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी भोजन कूपन खरीदते समय कैमरे ग्राहकों की रेटिना को स्कैन करते हैं और दिल्ली भर में सभी अटल कैंटीन से जुड़ी एक केंद्रीकृत प्रणाली में उनकी पहचान को प्राप्त करते हैं। अधिकारी ने कहा, एक बार कोई व्यक्ति एक अटल कैंटीन से दोपहर का भोजन खरीद लेता है, तो प्रणाली उसी व्यक्ति को उसी दिन किसी अन्य कैंटीन से दोबारा दोपहर का भोजन खरीदने की अनुमति नहीं देगी। हालांकि, अधिकारी ने बताया कि वह व्यक्ति शाम के बाद रात का खाना और अगले दिन फिर से दोपहर का भोजन कर सकता है।

वर्तमान में दिल्ली में ऐसी 86 कैंटीन

उन्होंने बताया कि वर्तमान में दिल्ली में ऐसी 86 कैंटीन हैं और सरकार इस साल 16 और कैंटीन खोलने की योजना बना रही है। पहले खोली गई कैंटीन झुग्गी झोपड़ियों के पास स्थित हैं, उनके विपरीत अब खुलने वाली कैंटीन अस्पतालों और विश्वविद्यालयों के पास प्रस्तावित हैं ताकि मरीजों, उनके तीमारदारों और छात्रों को सुविधा मिल सके। दिल्ली सरकार ने इस योजना के कार्यान्वयन के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर शुरू

अधिकारी ने कहा, ये कैंटीन निर्माणाधीन हैं। भूमि की उपलब्धता के आधार पर स्थलों की पहचान की जा रही है और ध्यान उन सार्वजनिक संस्थानों पर केंद्रित है जहां प्रतिदिन लोगों की आवाजाही अधिक होती है। इस योजना को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने पिछले साल 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर शुरू किया था।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

Related Stories
Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire