बर्लिन अस्पताल जमीन मामले में ईडी ने फिर भेजा नोटिस, मुख्य सचिव की पत्नी प्रीति कुमार से मांगे दस्तावेज
मनी लॉन्ड्रिंग और भूमि घोटाले की जांच के तहत ईडी ने बर्लिन अस्पताल जमीन से जुड़े कागजात तलब किए, पहले भी हो चुकी है पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव अविनाश कुमार की पत्नी प्रीति कुमार को पत्र भेजकर रांची के बरियातू रोड स्थित बर्लिन अस्पताल की जमीन से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और कथित भूमि घोटाले की जांच के तहत की गई है, जिसमें ईडी पिछले करीब तीन वर्षों से सक्रिय रूप से जांच कर रही है।
जांच के दौरान ईडी ने अस्पताल की जमीन की मापी और मूल्यांकन कराया था। इससे पहले भी प्रीति कुमार को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है। अब दस्तावेजों के आधार पर अब तक सामने आए तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े रैयत, क्रेता और विक्रेता से संबंधित विस्तृत जानकारियां पहले ही जुटा ली हैं।
पूर्व राजस्व उप निरीक्षक से जुड़ा है मामला
ईडी की यह जांच बड़गाईं अंचल के तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद के खिलाफ सदर थाना में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। छापेमारी के दौरान उनके आवास से बड़ी संख्या में सरकारी जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे, जिनमें बर्लिन अस्पताल की जमीन से संबंधित कागजात भी शामिल थे।
जमीन की प्रकृति बदलकर खरीद-बिक्री का आरोप
जांच में सामने आया है कि खाता संख्या 54, प्लॉट संख्या 2711 की 12 कट्ठा जमीन पहले डॉ. नलिनी रंजन सिन्हा और ऊषा सिन्हा के नाम थी, जिसे बाद में प्रीति कुमार और टीएम ठाकुर ने खरीदा। आरोप है कि जमीन की प्रकृति में बदलाव कर बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर लेनदेन किया गया और उसी जमीन पर बर्लिन अस्पताल (Berlin Diagnostics and Day Care) का निर्माण किया गया।
यह मामला पीएमएलए के तहत ईसीआईआर के रूप में दर्ज है। ईडी ने सर्वे, मापी और संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं और अब दस्तावेजों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।


