Sadhvi Prem Baisa की मौत का मामला पेचीदा, अब पोस्टमार्टम से खुलेगा असली राज
इंस्टाग्राम पोस्ट, पिता और गुरु के बदलते बयान और भक्तों के आरोपों ने मामले में उठाए कई सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच के आधार पर पुलिस कार्रवाई की तैयारी में

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क: राजस्थान के जोधपुर में 29 जनवरी को कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने नई पेचीदगियों को जन्म दे दिया है। मौत के बाद सामने आए इंस्टाग्राम पोस्ट, पिता और गुरु वीरमनाथ के बदलते बयान और भक्तों के गंभीर आरोपों ने इस प्रकरण पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के आधार पर अगली कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
साध्वी के कहने पर किया गया था पोस्ट
साध्वी की मौत के लगभग चार घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक भावुक पोस्ट साझा किया गया, जिसे ‘अंतिम संदेश’ या कथित सुसाइड नोट के रूप में देखा गया। पोस्ट में सनातन धर्म, अग्नि परीक्षा और न्याय का जिक्र था। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट वायरल हो गया और शंकाओं को जन्म दिया। साध्वी के पिता और गुरु वीरमनाथ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पोस्ट उनके कहने पर डलवाया गया था। उनका दावा है कि संदेश साध्वी ने पहले लिखा था और भक्तों के आग्रह पर साझा किया गया। हालांकि, पोस्ट का समय और परिस्थितियां पुलिस और भक्तों—दोनों के लिए सवाल बने हुए हैं। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि पोस्ट किस डिवाइस से, किसने और किस समय अपलोड किया गया।
शव से आश्रम लाने के बाद लंबा समय गाड़ी में रखा गया
भक्तों का आरोप है कि साध्वी का शव निजी अस्पताल से आश्रम लाने के बाद लंबा समय गाड़ी में रखा गया। सामान्य तौर पर अंतिम संस्कार से पहले शव को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ और अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया। जब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की कोशिश की, तो पिता और समर्थकों ने इसका विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान आश्रम के सीसीटीवी कैमरे भी हटा दिए गए। साध्वी के पिता वीरमनाथ के अनुसार, साध्वी कुछ दिनों से सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित थीं। इलाज के लिए आश्रम में एक कंपाउंडर बुलाया गया, जिसने उन्हें इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के महज पांच मिनट के भीतर साध्वी की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने कंपाउंडर को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके पास से इंजेक्शन का खोल, इस्तेमाल की गई दवाइयां और अन्य मेडिकल सामग्री जब्त की। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे फिलहाल छोड़ दिया गया है, लेकिन उसकी भूमिका अब भी जांच के दायरे में है।
अब पूरी जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर
शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने में आश्रम समर्थकों के विरोध के कारण पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस का कहना है कि अब पूरी जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौत प्राकृतिक थी, दवा की प्रतिक्रिया से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देश पर गठित जांच टीम इंस्टाग्राम पोस्ट की टाइमिंग, पोस्ट करने वाले डिवाइस, अकाउंट एक्सेस और वास्तविक लेखक की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कर रही है। इसके साथ ही आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों को हटाने के कारण और समय की भी पड़ताल की जा रही है। साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने भक्तों और आम लोगों के बीच कई सवाल छोड़ दिए हैं मौत के बाद पोस्ट क्यों किया गया, शव को गाड़ी में क्यों रखा गया, सीसीटीवी क्यों हटाए गए और इंजेक्शन में क्या था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।


