UP News: 11 फरवरी को पेश होगा यूपी का बजट
9 फरवरी से शुरू होगा विधानमंडल का बजट सत्र। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट बैठक में लिया गया निर्णय।

लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता। उत्तर प्रदेश का वर्ष 2026-27 का बजट 11 फरवरी को पेश किया जाएगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट बैठक में लिया गया। इसके साथ ही यह भी तय हुआ कि विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से प्रारंभ होगा।
प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सत्र के पहले दिन 9 फरवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण होगा। इसके बाद 10 फरवरी को सदन में दिवंगत सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि 11 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार का फोकस विकास, जनकल्याण, बुनियादी ढांचे और आर्थिक मजबूती पर रहेगा।
मुजफ्फरनगर के मोरना में गंगा किसान सहकारी चीनी मिल का होगा आधुनिकीकरण
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर के मोरना में गंगा किसान सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने और नई तकनीक से मिल का आधुनिकीकरण करने का बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने मंजूरी दी है कि मिल की वर्तमान क्षमता 2500 टी.सी.डी. से बढ़ाकर पहले 3500 टी.सी.डी. और बाद में 5000 टी.सी.डी. तक की जाएगी।
जर्जर प्लांट व पुरानी तकनीक की वजह से किसानों को बहुत लाभ नहीं हो रहा था, लेकिन नई आधुनिक मशीनरी वाली मिल में न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि इसके संचालन में दक्षता भी आएगी। सबसे बड़ा लाभ सीधे गन्ना उगाने वाले किसानों को मिलेगा। नई तकनीक के कारण पेराई क्षमता बढ़ने से गन्ना किसानों की आय भी दोगुनी किए जाने और समय से गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किए जाने में सहायता मिलेगी। इस पहल से किसानों की आय बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। यह कदम गन्ना किसानों को उनका हक दिलाने और सहकारी मिल के जरिए कृषि को मजबूत करने की दिशा में अहम है। नई आधुनिक मिल की स्थापना से क्षेत्र के किसानों का भरोसा बढ़ेगा और उत्पादन के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
शहरी सुविधाओं के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा मजबूत फंड
लखनऊ। प्रदेश के शहरी इलाकों में सड़कों, खाली पड़े स्थानों, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बुनियादी तथा अन्य जन सुविधाओं के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए विकास शुल्क की संशोधित प्रणाली लागू करने और इससे जुड़ी नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास नियमावली-2014 (यथा संशोधित 2021) में बदलाव के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। इस फैसले से शहरी विकास के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकेंगे। संशोधित विकास शुल्क प्रणाली से विकास प्राधिकरणों को अपनी विकास परियोजनाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए स्थायी वित्तीय संसाधन मिलते रहेंगे। इससे शहरी इलाकों में बुनियादी ढांचे के निर्माण और विस्तार को गति मिलेगी।
इस फैसले से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही निर्माण व विकास गतिविधियों में तेजी आने से रोजगार सृजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। यह निर्णय शहरों को बेहतर, व्यवस्थित और रहने योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


