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Uttarakhand Cabinet: ग्रीन हाइड्रोजन नीति समेत इन फैसलों को हरी झंडी

उत्तराखण्ड कैबिनेट में भूमि नीति, भू-जल शुल्क, निजी विश्वविद्यालय, सामरिक हवाई पट्टियां और ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 सहित कई अहम फैसलों को मंजूरी।

Uttarakhand Cabinet: ग्रीन हाइड्रोजन नीति समेत इन फैसलों को हरी झंडी
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देहरादून, वाईबीएन न्यूज। उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को जनपद परिवर्तन की सुविधा देने से लेकर हरित हाइड्रोजन नीति, भू-जल शुल्क, नई औद्योगिक परियोजनाओं और निजी विश्वविद्यालय की स्थापना तक कई बड़े निर्णय लिए गए। राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए “उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026” को मंजूरी दी गई। जल विद्युत जैसे प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार सृजन और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टी को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए भारतीय वायुसेना और नागरिक उड़ानों के संयुक्त संचालन हेतु रक्षा मंत्रालय को लीज पर देने की सहमति दी गई।

स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों को राहत

कैबिनेट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षकों को, जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम पाँच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली है, पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति (म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग) के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति देने को मंजूरी दी।

भूमि प्राप्ति की नई प्रक्रिया को मंजूरी

राज्य में लघु, मध्यम और वृहद परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि प्राप्त करने की प्रक्रिया तय करने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य भूमि अधिग्रहण में लगने वाले समय को कम करना, मुकदमेबाजी घटाना और जनहित परियोजनाओं की लागत को कम करना है। उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि औद्योगिक आस्थान विकसित करने हेतु सिडकुल को हस्तांतरित करने संबंधी शासनादेश में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधन के तहत समान प्रयोजन के लिए उप-पट्टा (Sub-Lease) देने का अधिकार सिडकुल को दिया गया है।

जनजाति कल्याण विभाग का पुनर्गठन

देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ जनपदों में जनजाति कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार जिला जनजाति कल्याण अधिकारी पदों के सृजन और सेवा नियमावली संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी। राज्य में गैर-कृषि उपयोग के लिए भू-जल निकासी पर जल मूल्य/प्रभार की नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। उद्योगों, होटल, ग्रुप हाउसिंग, वाहन धुलाई केंद्र और स्विमिंग पूल आदि पर क्षेत्रवार शुल्क तय किया गया है। पंजीकरण शुल्क ₹5000 निर्धारित किया गया है। राज्य को शिक्षा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में देहरादून में “जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय” की स्थापना को कैबिनेट ने हरी झंडी दी। यह विश्वविद्यालय नवाचार, शोध, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर केंद्रित होगा।



Dhiraj Dhillon

Dhiraj Dhillon

धीरज ढिल्लों दो दशकों से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान दैनिक हिंदुस्तान और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में गहन रिपोर्टिंग की है। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ, उन्होंने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी काम किया है। उनकी लेखनी में निष्पक्षता, तथ्यपरकता और गहरी विश्लेषण क्षमता स्पष्ट रूप से झलकती है। समसामयिक विषयों के साथ-साथ स्वास्थ्य, जीवनशैली, विकास संबंधी मुद्दों और राजनीति में उनकी गहरी रुचि रही है। उन्होंने पांच वर्षों तक Centre for Advocacy & Research (CFAR) के साथ मिलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य संचार कार्य किया है।

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