Top
Begin typing your search above and press return to search.

उम्रकैद की सजा के बीच परबान चढ़ी पुरानी प्रेम कहानी, जानकर चौंक जाएंगे

राजस्थान के चर्चित हत्याकांडों में उम्रकैद की सजा काट रहे प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी ने शादी कर ली। शादी के बाद दोनों को जयपुर ओपन जेल में मिलेगा अलग क्वार्टर।

उम्रकैद की सजा के बीच परबान चढ़ी पुरानी प्रेम कहानी, जानकर चौंक जाएंगे
X

जयपुर, वाईबीएन न्यूज। राजस्थान के दो बेहद चर्चित हत्याकांडों में उम्रकैद की सजा काट रहे प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी ने आपस में शादी कर ली है। शादी के बाद अब दोनों को जयपुर की ओपन जेल में एक साथ रहने के लिए अलग क्वार्टर मिलने की उम्मीद है। पाली निवासी प्रिया सेठ और अलवर के रहने वाले हनुमान चौधरी पहले जयपुर के एक निजी स्कूल में साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई, जो धीरे-धीरे नजदीकियों और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। बाद में दोनों अलग-अलग हत्याकांडों में दोषी पाए गए और वर्तमान में जयपुर ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

पैरोल पर गुपचुप शादी

जानकारी के अनुसार हाल ही में पैरोल पर बाहर आए प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी ने अलवर के एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से गुपचुप शादी कर ली। शादी की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है। बाद में दोनों के परिवारों ने भी इस विवाह पर अपनी सहमति जता दी है।

जेल में साथ रहने का मिलेगा अधिकार

जेल नियमों के मुताबिक, यदि कोई कैदी अपने वैवाहिक जीवनसाथी के साथ जेल में रहना चाहता है, तो उसे अलग क्वार्टर उपलब्ध कराया जाता है। इसी प्रावधान के तहत प्रिया और हनुमान को भी जेल परिसर में एक साथ रहने के लिए अलग आवास दिया जाएगा।

क्या होती है ओपन जेल?

उम्रकैद की सजा काट रहे जिन कैदियों का आचरण संतोषजनक रहता है, उन्हें लगभग 5.5 से 6 साल 8 महीने की सजा पूरी करने के बाद ओपन जेल में स्थानांतरित किया जाता है। ओपन जेल में पुरुष और महिला कैदी एक ही परिसर में रहते हैं, हालांकि उनके आवास अलग-अलग होते हैं। यहां कैदी सुबह हाजिरी के बाद काम के लिए जेल से बाहर जा सकते हैं और शाम तक वापस लौटकर हाजिरी देते हैं।

परिवार में खुशी का माहौल

हनुमान चौधरी के गांव के लोगों के अनुसार, शादी के बाद पारंपरिक रस्में निभाई गईं और परिवार में खुशी का माहौल है। गांव में मिठाइयां भी बांटी जा रही हैं, हालांकि परिवार ने फिलहाल मीडिया से दूरी बना रखी है।

किन मामलों में दोषी हैं प्रिया और हनुमान?

प्रिया सेठ वर्ष 2018 के जयपुर के दुष्यंत हत्याकांड की मुख्य दोषी हैं। उस पर अपने प्रेमी दीक्षांत कमर और उसके साथी के साथ मिलकर दुष्यंत शर्मा की हत्या कर शव को सूटकेस में भरकर आमेर की पहाड़ियों में फेंकने का आरोप था। 24 नवंबर 2023 को अदालत ने प्रिया सेठ सहित तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

वहीं, हनुमान चौधरी अक्टूबर 2017 में अलवर के शिवाजी पार्क इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में दोषी पाया गया था। अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड में हनुमान सहित सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।


Dhiraj Dhillon

Dhiraj Dhillon

धीरज ढिल्लों दो दशकों से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान दैनिक हिंदुस्तान और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में गहन रिपोर्टिंग की है। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ, उन्होंने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी काम किया है। उनकी लेखनी में निष्पक्षता, तथ्यपरकता और गहरी विश्लेषण क्षमता स्पष्ट रूप से झलकती है। समसामयिक विषयों के साथ-साथ स्वास्थ्य, जीवनशैली, विकास संबंधी मुद्दों और राजनीति में उनकी गहरी रुचि रही है। उन्होंने पांच वर्षों तक Centre for Advocacy & Research (CFAR) के साथ मिलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य संचार कार्य किया है।

Related Stories
Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire