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नए साल 2026 की शुभ शुरुआत, 31 दिसंबर से पहले घर से निकालें ये 7 चीजें

क्या नया साल 2026 शुरू होने से पहले वास्तु और ज्योतिष के अनुसार घर की सफाई बेहद जरूरी है। क्या ये 7 चीजें घर में नकारात्मकता लाती हैं?

नए साल 2026 की शुभ शुरुआत, 31 दिसंबर से पहले घर से निकालें ये 7 चीजें
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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क । 2025 को विदा करने और नए साल 2026 का स्वागत करने के लिए हर कोई उत्साहित है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घर में रखी कुछ मामूली चीजें आपकी किस्मत के दरवाजे बंद कर सकती हैं? आचार्य संतोष कुमार पाण्डेय के अनुसार, 1 जनवरी से पहले घर की शुद्धि सुख-समृद्धि के लिए अनिवार्य है। नए साल का आगमन केवल कैलेंडर बदलने के बारे में नहीं है, बल्कि अपनी ऊर्जा और परिवेश को सकारात्मक बनाने का एक सुनहरा अवसर है।

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, हमारा घर एक जीवित इकाई की तरह है। इसमें जमा कबाड़ और टूटी-फूटी वस्तुएं 'निगेटिव एनर्जी' का स्रोत बन जाती हैं, जो स्वास्थ्य, धन और तरक्की में बाधा डालती हैं। अगर आप चाहते हैं कि 2026 में मां लक्ष्मी का आपके घर स्थायी वास हो, तो 31 दिसंबर की शाम से पहले अपने घर का कोना-कोना चेक कर लें। आइए जानते हैं वे कौन सी 7 चीजें हैं जिन्हें घर में रखना आपके लिए भारी पड़ सकता है।

टूटा हुआ शीशा तरक्की में सबसे बड़ी बाधा

वास्तु शास्त्र में आईना या शीशा ऊर्जा को परावर्तित Reflect करने का काम करता है। अगर घर में कहीं भी दरार वाला शीशा या टूटा हुआ कांच है, तो यह नकारात्मकता को कई गुना बढ़ा देता है। माना जाता है कि टूटा शीशा न केवल मानसिक तनाव का कारण बनता है, बल्कि परिवार के सदस्यों की प्रगति को भी रोकता है।

टिप: अगर आपके ड्रेसिंग टेबल या खिड़की का कांच टूटा है, तो उसे तुरंत बदलें। धुंधले पड़ चुके शीशों को भी साफ करें या हटा दें।

रुकी हुई घड़ी ठहर सकता है आपका भाग्य

समय निरंतर चलता रहता है, और घड़ी इसी गतिशीलता का प्रतीक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बंद या खराब घड़ी सीधे तौर पर आपके भाग्य Luck को प्रभावित करती है। रुकी हुई घड़ी का मतलब है 'रुका हुआ समय'। यह आपके करियर और जीवन में आने वाले नए अवसरों को बाधित करती है।

अगला कदम क्या लें? अगर घड़ी सेल बदलने से चल सकती है, तो उसे ठीक करें। अगर वह पूरी तरह खराब है, तो उसे घर के स्टोर रूम में भी न रखें, सीधे बाहर करें।

खंडित मूर्तियां कम करती हैं सुख-समृद्धि

अक्सर हम भगवान की पुरानी या थोड़ी सी टूटी हुई मूर्तियों को घर के किसी कोने या गमले में रख देते हैं। वास्तु अनुसार, खंडित मूर्तियों की पूजा करना या उन्हें घर में रखना वास्तु दोष उत्पन्न करता है। इससे घर की शांति भंग होती है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। नए साल से पहले ऐसी मूर्तियों को किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें या पीपल के पेड़ के नीचे सम्मानपूर्वक रख आएं।

खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान राहु का दोष

आजकल हर घर में पुराने मोबाइल, खराब चार्जर, पुरानी केबल और बंद पड़े रेडियो का अंबार लगा रहता है। ज्योतिष के नजरिए से, बिजली का खराब सामान 'राहु' का प्रतिनिधित्व करता है। घर में कबाड़ इलेक्ट्रॉनिक्स रखने से मानसिक उलझनें और अनावश्यक कानूनी विवाद पैदा हो सकते हैं। 2026 की शुरुआत एक साफ और 'डिजिटल क्लटर-फ्री' घर से करें।

टूटा हुआ फर्नीचर और पलंग वैवाहिक जीवन पर असर

क्या आपका पलंग या सोफा कहीं से टूटा हुआ है या आवाज करता है? वास्तु विशेषज्ञ आचार्य संतोष कुमार पाण्डेय के अनुसार, टूटा हुआ पलंग न केवल आपकी नींद खराब करता है, बल्कि यह आर्थिक स्थिति और वैवाहिक संबंधों में भी कड़वाहट लाता है। अगर आप लंबे समय से फर्नीचर बदलने की सोच रहे थे, तो 31 दिसंबर तक का समय इसके लिए सबसे सटीक है।

टूटे बर्तन दरिद्रता का संकेत

रसोई घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पुराने बुजुर्ग हमेशा कहते थे कि टूटे या चटके हुए बर्तनों में खाना नहीं खाना चाहिए। ज्योतिष में इसे दरिद्रता का सीधा निमंत्रण माना गया है। अगर आपकी क्रॉकरी में दरारें आ गई हैं या पीतल-स्टील के बर्तन टेढ़े-मेढ़े हो गए हैं, तो उन्हें घर से विदा करने का समय आ गया है।

पुराने जूते-चप्पल और फटे कपड़े

अक्सर हम उन कपड़ों और जूतों को सहेज कर रखते हैं जिन्हें हम कभी नहीं पहनते। वास्तु के अनुसार, फटे हुए कपड़े और पुराने घिसे हुए जूते शनि दोष का कारण बनते हैं। नए साल की ताज़गी के लिए अलमारी की सफाई करें और जो चीजें उपयोग में नहीं हैं, उन्हें जरूरतमंदों को दान कर दें।

कैसे करें 2026 का स्वागत? 31 दिसंबर तक इन चीजों को घर से बाहर निकालने के बाद, घर में गंगाजल का छिड़काव करें और मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाएं। सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश के लिए घर के उत्तर-पूर्व कोने ईशान कोण को बिल्कुल खाली और साफ रखें। याद रखिए, जब आप पुराना कचरा बाहर निकालते हैं, तभी नई खुशियों के लिए जगह बनती है।

शुभकामनाएं आपका नया साल 2026 मंगलमय और सुखदायी हो।


Ajit Kumar Pandey

Ajit Kumar Pandey

पत्रकारिता की शुरुआत साल 1994 में हिंदुस्तान अख़बार से करने वाले अजीत कुमार पाण्डेय का मीडिया सफर तीन दशकों से भी लंबा रहा है। उन्होंने दैनिक जागरण, अमर उजाला, आज तक, ईटीवी, नवभारत टाइम्स, दैनिक हिंट और दैनिक जनवाणी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया। न्यू मीडिया की तकनीकों को नजदीक से समझते हुए उन्होंने खुद को डिजिटल पत्रकारिता की मुख्यधारा में स्थापित किया। करीब 31 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ अजीत कुमार पाण्डेय आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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