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मार्केट में अस्थिरता का माहौल: चांदी में 17,800 रुपये की भारी गिरावट, सोना 7,000 रुपये लुढ़का

चांदी की कीमत 17,800 रुपये या लगभग सात प्रतिशत गिरकर 2,38,700 प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) रह गई, जो बुधवार को बंद हुई कीमत 2,56,500 रुपये प्रति किलोग्राम से काफी कम है।

मार्केट में अस्थिरता का माहौल:  चांदी में 17,800 रुपये की भारी गिरावट, सोना 7,000 रुपये लुढ़का
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मुंबई, वाईबीएन डेस्क। राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को चांदी की कीमतें 17,800 रुपये लुढ़ककर 2.38 लाख प्रति किलोग्राम रह गईं, जबकि वैश्विक जिंस बाजारों में भारी बिकवाली के चलते सोने की कीमत 7,000 रुपये के नुकसान के साथ 1.53 लाख प्रति 10 ग्राम रह गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत 17,800 रुपये या लगभग सात प्रतिशत गिरकर 2,38,700 प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) रह गई, जो बुधवार को बंद हुई कीमत 2,56,500 रुपये प्रति किलोग्राम से काफी कम है।

99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 7,000 रुपये 'टूटा

चांदी अब 29 जनवरी को दर्ज किए गए अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम से 1,65,800 रुपये या 41 प्रतिशत तक नीचे आ चुकी है। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 7,000 रुपये या 4.37 प्रतिशत के नुकसान के साथ 1,53,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गया, जो पिछली बंद कीमत 1,60,300 रुपये प्रति 10 ग्राम से कम है। सोने की कीमत 29 जनवरी को दर्ज किए गए अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से 29,700 रुपये या 16.23 प्रतिशत तक गिर चुकी है।

सर्राफा कीमतों में भारी गिरावट की ये है वजह

विश्लेषकों ने सर्राफा कीमतों में इस भारी गिरावट का कारण कई कारकों के मेल को बताया, जिनमें बढ़ती महंगाई की चिंताएं, केंद्रीय बैंकों का सख्त रुख (विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिज़र्व और बैंक ऑफ़ जापान का), और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी शामिल है। विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतें नीचे रहीं। हाजिर चांदी 4.88 डॉलर, या 6.48 प्रतिशत गिरकर 70.49 डॉलर प्रति औंस रह गई और सोना 140.19 डॉलर, या लगभग तीन प्रतिशत टूटकर 4,678.69 डॉलर प्रति औंस रह गया।

बाजार का रुख कमज़ोर से लेकर अस्थिर बना हुआ है

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ लिमिटेड के जिंस विश्लेषक, मानव मोदी ने कहा कि अब निवेशक अपना ध्यान बैंक ऑफ़ इंग्लैंड और यूरोपियन केंद्रीय बैंक के नीतिगत फ़ैसलों पर केंद्रित करेंगे। भविष्य के नज़रिये पर बात करते हुए एलकेपी सिक्योरिटीज के जिंस और मुद्रा के उपाध्यक्ष-शोध विश्लेषक जतीन त्रिवेदी ने कहा कि कुल मिलाकर अल्पावधि में बाजार का रुख कमज़ोर से लेकर अस्थिर बना हुआ है। ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों और भू-राजनीतिक संकेतों में होने वाले बदलावों के चलते कीमतों में तेज़ी से उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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