Top
Begin typing your search above and press return to search.

न्यूनतम पेंशन की तत्काल समीक्षा और वृद्धि की सिफारिश, 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन अपर्याप्त

भाजपा सांसद वसव राज बोम्मई की अध्यक्षता वाली श्रम, वस्त्र और कौशल विकास संबंधी स्थायी समिति ने ईपीएस, 1995 के तहत न्यूनतम पेंशन की तत्काल समीक्षा और वृद्धि की सिफारिश की है।

न्यूनतम पेंशन की तत्काल समीक्षा और वृद्धि की सिफारिश, 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन अपर्याप्त
X

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क : कांग्रेस ने कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 1995 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने संबंधी संसदीय समिति की अनुशंसा का हवाला देते हुए बुधवार को उम्मीद जताई कि समिति की रिपोर्ट के बाद सरकार जागेगी और ठोस कदम उठाएगी। भाजपा सांसद वसव राज बोम्मई की अध्यक्षता वाली श्रम, वस्त्र और कौशल विकास संबंधी स्थायी समिति ने ईपीएस, 1995 के तहत न्यूनतम पेंशन की तत्काल समीक्षा और वृद्धि की सिफारिश की है, जो वर्तमान में केवल 1,000 रुपये प्रति माह है। हालांकि सरकार पेंशन में वृद्धि से इनकार कर चुकी है।

सामाजिक सुरक्षा की कई योजनाएं कमजोर की गईं

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, मोदी सरकार के पिछले लगभग 12 साल के कार्यकाल में सामाजिक सुरक्षा की कई योजनाएं धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई हैं या उन्हें जानबूझकर कमजोर कर दिया गया है। पेंशन जैसी बुनियादी सुविधा भी लंबे समय से बढ़ती महंगाई के बावजूद लगभग जस की तस बनी हुई है। इसका सीधा असर बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर पेंशनभोगियों पर पड़ा है, जो समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग माने जाते हैं।

खराब नीतियों की वजह से महंगाई चरम पर

उन्होंने कहा, मौजूदा दौर में जब सरकार की खराब नीतियों की वजह से महंगाई चरम पर है, स्वास्थ्य खर्च और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम बेतहाशा बढ़ चुके हैं, ऐसे में 1000 रुपये की न्यूनतम ईपीएफ पेंशन एक तरह से मजाक ही है। रमेश ने कहा, संसद की स्थायी समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि 1995 की पेंशन योजना के तहत मिलने वाली 1000 रुपये की मासिक पेंशन आज के समय में पूरी तरह अपर्याप्त है।

न्यूनतम पेंशन को सम्मानजनक बनाया जाए

समिति ने सुझाव दिया है कि न्यूनतम पेंशन को जीवन-यापन के अनुरूप और सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाया जाए। उनका कहना था कि यह लाखों सेवानिवृत्त कामगारों की सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि भाजपा सांसद की अध्यक्षता वाली श्रम, वस्त्र एवं कौशल विकास स्थायी समिति की इस रिपोर्ट के बाद सरकार जागेगी और इस बारे में ठोस कदम उठाएगी। उधर, सरकार मिनिमन मंथली पेंशन को1000 रुपये से बढ़ाकर 7500 रुपये करने पर विचार नहीं कर रही है। श्रम और रोजगार राज्यमंत्री ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में यह कहा था।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

Related Stories
Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire