स्टॉक मार्केट में तीन दिन से जारी गिरावट थमी, सेंसेक्स 939 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,400 अंक के पार
प्रमुख कंपनियों के शेयरों में निचले स्तर पर लिवाली से बाजार को समर्थन मिला। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 938.93 अंक यानी 1.26 प्रतिशत बढ़कर 75,502.85 अंक पर बंद हुआ।

मुंबई, वाईबीएन डेस्क। स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स 939 अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,400 अंक के पार निकल गया। प्रमुख कंपनियों के शेयरों में निचले स्तर पर लिवाली से बाजार को समर्थन मिला। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 938.93 अंक यानी 1.26 प्रतिशत बढ़कर 75,502.85 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 75,805.27 अंक तक गया और नीचे में 73,949.76 अंक तक आया। वहीं 50 शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 257.70 अंक यानी 1.11 प्रतिशत चढ़कर 23,408.80 अंक पर बंद हुआ।
अल्ट्राटेक सीमेंट में सबसे ज्यादा 4.22 प्रतिशत की तेजी
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में से अल्ट्राटेक सीमेंट में सबसे ज्यादा 4.22 प्रतिशत की तेजी आई। इसके अलावा ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटर्नल, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, टाटा स्टील और भारतीय स्टेट बैंक प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, सन फार्मा, पावर ग्रिड और भारती एयरटेल शामिल हैं। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, बाजार में कारोबार समाप्त होने से पहले तेजी आई। वाहन, बैंक और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में निचले भाव पर लिवाली से बाजार बढ़त में रहा...।नायर ने कहा, निकट भविष्य में निवेशकों का रुख होर्मुज जलडमरूमध्य में होने वाले घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा। आपूर्ति श्रृंखला पर प्रतिकूल प्रभाव कम होने से बाजार को और समर्थन मिल सकता है।
शुरुआत बाजार में उतार-चढ़ाव के साथ हुई
मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.36 प्रतिशत नीचे आया जबकि छोटी कंपनियों से जुड़ा स्मॉलकैप 0.25 प्रतिशत टूटा। रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, सप्ताह की शुरुआत बाजार में उतार-चढ़ाव के साथ हुई और निचले स्तर पर लिवाली के चलते एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ हाल की गिरावट का सिलसिला टूट गया। उछाल का कारण मुख्य रूप से बाजार में आई भारी गिरावट के बाद चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों में निचले स्तर पर लिवाली है।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों पर नजरें
उन्होंने कहा, हालांकि, पश्चिम एशिया में लगातार तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण पूरा माहौल सतर्क बना हुआ है। इससे मुद्रास्फीति और भारत के आयात बिल को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी और मुद्रा की अस्थिरता जोखिम लेने की प्रवृत्ति को सीमित कर रही है। एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में रहे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.41 प्रतिशत बढ़ा
यूरोप के बाजार दोपहर के कारोबार में गिरावट में थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.41 प्रतिशत बढ़कर 104.4 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 10,716.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 9,977.42 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सेंसेक्स शुक्रवार को 1,470.50 अंक यानी 1.93 प्रतिशत टूटकर 74,563.92 अंक पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 488.05 अंक की गिरावट के साथ 23,151.10 अंक पर रहा था।


