AI Summit: भारत को AI हब बनाएगा गूगल, 15 अरब डॉलर का निवेश होगाः पिचाई
AI समिट में गूगल के CEO सुंदर पिचाई बोले- भारत में 15 अरब डॉलर के निवेश से AI हब बनेगा। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस बोले- AI का भविष्य सीमित नहीं रह सकता।

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 को संबोधित करते हुए गूगल सीईओ सुंदर पिचाई ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि गूगल इंडिया को एआई हब बनाएगा। इसके लिए गूगल भारत में 15 अरब डॉलर का निवेश करेगा। सुंदर पिचाई ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें भारत आकर हमेशा खुशी होती है। इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे।
देश में विकास की गति पर कही यह बात
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने अपने संबोधन में कहा कि वे भारत में होते नित नए बदलावों को देखकर काफी खुश हैं। उन्होंने कहा- मैं हर बार यहां विकास की गति देखकर अचंभित रह जाता हूं। उन्होंने इस मौके पर अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि वे चेन्नई से आईआईटी खड़गपुर तक कोरोमंडल एक्सप्रेस से यात्रा करते थे। उस समय विशाखापट्टनम एक शांत सा तटीय शहर होता था।
विशाखापट्टनम में तैयार हो रहा एआई हब
सुंदर पिचाई ने मंच से घोषणा की कि गूगल भारत में अपने 15 अरब डॉलर से बुनियादी ढांचे में निवेश के तहत विशाखापट्टनम में एक पूर्ण स्टैक एआई हब स्थापित कर रहा है। यह हब गीगावाट स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता से लैस होगा। उन्होंने कहा- इसमें नया सब सी केबल गेटवे भी होगा। इससे देश भर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अत्याधुनिक एआई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।
गुटेरेस बोले- एआई कुछ देशों की जागीर नहीं
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एआई समिट को संबोधित करते हुए कहा कि एआई केवल कुछ देशों की जागीर बनकर नहीं रह सकता। उन्होंने समिट का न्यौता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा- ग्लोबल साउथ में पहले एआई शिखर सम्मेलन का आयोजन भारत की लीडरशिप का बड़ा संकेत है। उन्होंने कहा- एआई का भविष्य मुठ्ठी भर देशों या कुछ अरबपतियों के मर्जी पर नहीं छोड़ा जा सकता। यह तकनीक पूरी मानवता के हित में विकसित होनी चाहिए।
अश्विनी वैष्णव ने रखा टैक्नोलॉजी का विजन
इससे पहले समिट में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेहमानों का स्वागत किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन टैक्नोलॉजी को लोकतांत्रिक बनाना है, ताकि इसका लाभ आम लोगों तक पहुंच सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम पहुंचकर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा समेत कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की।

