मुसलमानों को गाली देकर हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा, कुरीतियां सुधारनी होंगी: Dhirendra Shastri
बांदा में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू समाज से आत्ममंथन, एकता और जाति-पात छोड़ने की अपील की

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उत्तर प्रदेश के बांदा में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हिंदू समाज को आत्ममंथन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे समुदाय को गाली देने या निशाना बनाने से भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता। इसके लिए पहले हिंदू समाज को अपनी आंतरिक कुरीतियों और कमजोरियों को दूर करना होगा।
जाति-पात से ऊपर उठकर एकता का परिचय देना होगा
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब तक हिंदू समाज अपनी कमियों को सुधारने की दिशा में ईमानदारी से प्रयास नहीं करेगा, तब तक शांति, एकता और सौहार्द की स्थापना संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन परंपरा में मौजूद बुराइयों को दूर करना ही भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का वास्तविक मार्ग है। दिव्य हनुमंत कथा के आयोजन के करीब दस दिन बाद धीरेंद्र शास्त्री एक बार फिर शुक्रवार को बांदा पहुंचे। वह खुरहंड स्टेशन स्थित सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के आवास पर आयोजित सुंदरकांड और हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंदुओं को जाति-पात से ऊपर उठकर एकता का परिचय देना होगा। उन्होंने कहा, जात-पात को विदा कहिए, हम सब हिंदू भाई-भाई हैं, यही हिंदू राष्ट्र बनने का रास्ता है।
व्यवस्था में नियमों और प्रक्रियाओं का पालन जरूरी
अपने संबोधन में उन्होंने तलाक की प्रक्रिया को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि व्यवस्था में नियमों और प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है। उन्होंने इसे अनुशासन से जोड़ते हुए कहा कि कायदे में रहने से ही समाज को लाभ होता है। धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से आस्था और विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि भक्त का काम है ईश्वर की शरण में जाना और भगवान का काम है सब कुछ संभालना। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य पूरी श्रद्धा के साथ भगवान पर भरोसा रखे, तो उसका विश्वास कभी टूटता नहीं है। उन्होंने आस्था में स्थिरता बनाए रखने और पूरी निष्ठा के साथ ईश्वर पर भरोसा करने का संदेश दिया।

