हुड्डा के “ऑपरेशन हिमाचल” ने कैसे बचाई कांग्रेस की लाज?
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ऑपरेशन हिमाचल और क्रॉस वोटिंग के बीच कांटे की टक्कर में कांग्रेस को मिली एक मात्र सीट पर जीत। आधी रात के बाद तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा।

चंडीगढ़, वाईबीएन न्यूज। हरियाणा के राज्यसभा चुनाव के दौरान करीब 16 घंटे तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। आधी रात के बाद डेढ़ बजे तक चले इस ड्रामे की बीच कांग्रेस एक सीट जीतने में कामयाब रही। बता दें कि हरियाणा में सोमवार को दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान हुआ था। बिहार और ओडिशा में तो कांग्रेस को कुछ भी हाथ नहीं लगा। यह एक मात्र सीट कांग्रेस की झोली में डालने का काम किया हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की रणनीति और “ऑपरेशन हिमाचल” ने।
क्रॉस वोटिंग और अमान्य वोट निर्णायक रहे
चुनाव के दौरान कांग्रेस के पांच विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने की खबर सामने आई, इनमें से चार वोट रद्द कर दिए गए। वहीं बीजेपी ने भी निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदेल को अपने पक्ष में कर रणनीति मजबूत की थी।
बता दें कि पहले भी 2016 और 2022 में इसी तरह के घटनाक्रम में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा था, जिसे देखते हुए इस बार भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे ने खास रणनीति तैयार की और फिर उसे एप्लाई करने में भी कामयाब रहे।
जानिए क्या था “ऑपरेशन हिमाचल”
कांग्रेस विधायकों को एकजुट रखने के लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने “ऑपरेशन हिमाचल” चलाया। इस ऑपरेशन के तहत 10 से 15 मार्च के बीच विधानसभा सत्र स्थगित होने पर कांग्रेस विधायकों को हिमाचल प्रदेश के एक होटल में ठहराया गया।
13 मार्च को सभी विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास पर इकठ्ठा हुए और वहां से उन्हें सीधे हिमाचल प्रदेश भेज दिया गया। मतदान के दिन सभी विधायकों को वापस चंडीगढ़ लाया गया और वोटिंग से पहले उनके फोन भी जमा करा लिए गए, ताकि किसी तरह की टूट- फूट होने की कोई गुंजाइश ही न बचे।
बेहद कम मार्जिन से मिली जीत
चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को 2800 वोट मिले, जबकि बीजेपी के संजय भाटिया को 2767 वोट प्राप्त हुए। इस तरह बेहद कम मार्जिन से ही सही, कांग्रेस को जीत मिल गई। बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को भी अहम वोट मिले, जबकि कुछ विधायक मतदान से दूर रहे।
सियासी आरोप- प्रत्यारोप तेज
बीजेपी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की जीत बहुत मामूली अंतर से हुई, जो आंतरिक असंतोष का परिणाम है। वहीं कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए बीजेपी पर आरोप लगाया कि उसने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस जीत को लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और साजिशों की हार बताया है।

