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शीना बोरा हत्याकांड: सुनवाई पूरी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने नौ महीने का और समय दिया

ग्रेटर बंबई के नगर दीवानी एवं सत्र न्यायालय में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई पूरी करने के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध करते हुए शीर्ष अदालत को पत्र लिखा था।

शीना बोरा हत्याकांड: सुनवाई पूरी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने नौ महीने का और समय दिया
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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क : देश की शीर्ष अदालत ने शीना बोरा हत्याकांड में सुनवाई पूरी करने के लिए नौ महीने का अतिरिक्त समय देते हुए यह स्पष्ट किया है कि इसके बाद समय बढ़ाने का कोई और अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रेटर बंबई के नगर दीवानी एवं सत्र न्यायालय में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई पूरी करने के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध करते हुए शीर्ष अदालत को पत्र लिखा था।

पीठ ने यह पत्र मिलने पर अतिरिक्त समय दिया

न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने यह पत्र मिलने पर अतिरिक्त समय देने का आदेश दिया। पीठ ने सोमवार को जारी अपने आदेश में कहा, ‘‘(विशेष अदालत के) अनुरोध पर विचार करते हुए सुनवाई पूरी करने के लिए नौ महीने का अतिरिक्त समय दिया जाता है। यह (भी) स्पष्ट किया जाता है कि आगे समय बढ़ाने का कोई और अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। शीर्ष अदालत ने शीना बोरा की मां और मामले की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को विदेश यात्रा की अनुमति मांगने के लिए नयी अर्जी दायर करने की छूट भी दी।

पीटर मुखर्जी भी इस मामले में सह-आरोपी

इंद्राणी के पूर्व पति और मीडिया जगत से जुड़े पीटर मुखर्जी भी इस मामले में सह-आरोपी हैं। पुलिस के अनुसार, इंद्राणी मुखर्जी, उसके वाहन चालक श्यामवर राय और इंद्राणी के पूर्व पति संजीव खन्ना ने 24-वर्षीय शीना बोरा की अप्रैल 2012 में एक कार में कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शीना का शव जलाकर पास में रायगढ़ के एक जंगल में फेंक दिया गया था। वाहन चालक श्यामवर राय बाद में मामले में सरकारी गवाह बन गया। यह हत्याकांड 2015 में उस समय प्रकाश में आया, जब राय ने एक अन्य मामले में गिरफ्तारी के बाद इस हत्या की जानकारी दी। इंद्राणी और खन्ना को अगस्त 2015 में गिरफ्तार किया गया था, जबकि पीटर को उसके तीन महीने बाद गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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