पश्चिम एशिया युद्ध से भारत में LPG को लेकर चिंता, क्या बोली सरकार?
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत में LPG सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी, लेकिन सरकार ने बताया—देश में पर्याप्त स्टॉक, पेट्रोल-डीजल और CNG की आपूर्ति सामान्य।

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को करीब तीन हफ्ते हो चुके हैं। इसके असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ नजर आने लगा है। दुनिया के बड़े ऊर्जा आयातकों में शामिल भारत भी इस संकट से अछूता नहीं है। हालांकि केंद्र सरकार लगातार स्थिति पर नियंत्रण बताकर लोगों से संयम बरतने की अपील कर रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय का दावा है कि युद्ध के चलते एलपीजी आपूर्ति को लेकर स्थिति चिंताजनक जरूर बनी हुई है, लेकिन फिलहाल देश में इसकी पर्याप्त उपलब्धता है। किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर कमी की कोई रिपोर्ट ने नहीं है। इसके साथ ही क्रूड ऑयल का भी पर्याप्त भंडार मौजूद है और पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य बनी हुई है। घरेलू पीएनजी और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी की आपूर्ति भी निर्बाध जारी है।
एक भी पेट्रोल पंप पर “ड्राई आउट” नहीं
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मीडिया को बताया कि देश में कच्चे तेल की आपूर्ति और रिफाइनरियों का संचालन सामान्य है। कहीं भी पेट्रोप पंपों पर “ड्राई आउट” की स्थिति नहीं देखी गई। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले कुछ दिनों से वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं से अपील कर रही है कि यदि संभव हो तो वे सीएनजी और पीएनजी की ओर रुख करें। इस दिशा में कंपनियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
#WATCH | Delhi: Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery), Ministry of Petroleum & Natural Gas, says, "The domestic consumption is a priority, and the government will review, looking into the situation. The supplies to the domestic consumers have been prioritised,… pic.twitter.com/V1TlRzI5N0
— ANI (@ANI) March 19, 2026
सरकार का पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर जोर
सरकार ने एलपीजी के दवाब को कम करने के लिए पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर जोर दिया है। इस प्रक्रिया को आसान बनाते हुए राज्य सरकारों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त वाणिज्यिक पीएनजी आवंटित करने का फैसला लिया गया है। पिछले दो हफ्तों मे करीब 1.25 लाख नए घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं। वहीं पिछले तीन दिनों में 5600 से अधिक एलपीजी उपभोक्ता पीएनजी में शिफ्ट हुए हैं।
सरकार का दावा- पैनिक बुकिंग कम हुई
सरकार ने यह भी स्वीकार किया है कि पश्चिम एशिया में तेल रिफाइनरियों और क्रूड ऑयल भंडारों पर हो रहे हमले चिंता का विषय हैं। इसके बावजूद देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग का प्रतिशत बढ़कर 94 प्रतिशत हो गया है और 83 फीसदी रिफिल डिलीवरी “डिलीवरी ऑथेटिकेट” कोड के जरिए की जा रही है। पैनिक बुकिंग में कमी आई है।
वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी लगातार जारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि यह संकट केवल भारत का ही नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर असर डाल रहा है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का 40 फीसदी से अधिक आयात कतर से करता है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य या रिफाइनरियों पर हमले का सीधा असर भारत पर नहीं पड़ता है। हालांकि सरकार वैकल्पिक स्रोतों की तलाश में लगातार जुटी हुई है।

