क्या है पोलोनियम? इसे खाने से सीएम भगवंत मान बीमार, कितना है खतरनाक?
मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल को उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है। इसमें पंजाब सीएम भगवंत मान को पोलोनियम-210 का जिक्र है।

वाईबीएन डेस्क, नई दिल्ली। पंजाब की राजनीति और सुरक्षा गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान की बीमारी के बीच एक बेहद खौफनाक धमकी भरा ई-मेल सामने आया। मोहाली के फोर्टिस अस्पताल, जहाँ मुख्यमंत्री उपचाराधीन हैं, उसे बम से उड़ाने की धमकी दी गई। लेकिन इस ई-मेल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद तब उड़ा दी, जब इसमें दावा किया गया कि मुख्यमंत्री को पोलोनियम-210 (Polonium-210) जैसा जानलेवा रेडियोएक्टिव जहर दिया गया है। इस सूचना के फैलते ही पंजाब पुलिस, खुफिया ब्यूरो और स्पेशल सेल सक्रिय हो गए हैं। अस्पताल के चारों ओर सुरक्षा का अभेद्य घेरा बना दिया गया है और मोहाली के 16 प्रमुख स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है।
क्या है ई-मेल का मजमून? 'खालिस्तानी' कनेक्शन का दावा
अस्पताल प्रशासन को प्राप्त हुए इस ई-मेल में खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी (KNA) का सदस्य बताने वाले शख्स ने रोंगटे खड़े कर देने वाली चेतावनियां दी हैं। मेल में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को पोलोनियम-210 से संक्रमित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, धमकी में यहां तक लिखा गया कि मान इस बार बच भी गए तो उनका हश्र पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह जैसा होगा। बेअंत सिंह की 1995 में एक बम धमाके में हत्या कर दी गई थी, ऐसे में इस संदर्भ का इस्तेमाल करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती और सीधी चेतावनी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री को पहले ब्लड प्रेशर की शिकायत पर भर्ती किया गया था, जहां से उन्हें छुट्टी मिल गई थी। मगर, दोबारा सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें फिर से एडमिट किया गया, जिसके बाद यह ईमेल आया।
स्कूल बंद और बम निरोधक दस्ते तैनात
धमकी का असर केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रहा। ई-मेल में मोहाली के स्कूलों को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने तुरंत मोहाली के 16 नामी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी और बच्चों को सुरक्षित घर भेजा गया। अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पंजाब पुलिस के साथ 5 बम निरोधक दस्ते अस्पताल के कोने-कोने की तलाशी ले रहे हैं। मोहाली के एसपी सिटी दिलप्रीत सिंह ने कहा कि हम हर इनपुट को गंभीरता से ले रहे हैं। साइबर सेल ई-मेल के आईपी एड्रेस को ट्रैक कर रही है। फिलहाल मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी हालत स्थिर है।
कितना घातक है पोलोनियम-210?
ई-मेल में जिस पोलोनियम-210 का जिक्र है, वह कोई साधारण जहर नहीं है। इसे दुनिया का सबसे घातक अदृश्य हत्यारा माना जाता है।
अदृश्य विकिरण : यह अल्फा रेडिएशन उत्सर्जित करता है। इसकी सबसे खतरनाक बात यह है कि इसे सामान्य रेडिएशन डिटेक्टर से नहीं पकड़ा जा सकता।
अंगों की तबाही : अगर यह शरीर के भीतर चला जाए, तो यह सीधे DNA पर हमला करता है और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों (लिवर, किडनी, बोन मैरो) को पूरी तरह नष्ट कर देता है।
इतिहास : इस जहर का नाम तब अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आया था जब रूस के पूर्व जासूस अलेक्जेंडर लिट्विनेंको की लंदन में इसी जहर से मौत हुई थी। यासिर अराफात की मौत के पीछे भी इसी पदार्थ का संदेह जताया गया था।
टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट पर विचार
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में पोलोनियम-210 जैसे दुर्लभ रेडियोएक्टिव तत्व तक किसी आतंकी संगठन की पहुंच होना लगभग नामुमकिन है। फिर भी मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए डॉक्टर उनके टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट और अन्य जांचों पर विचार कर सकते हैं।
अफवाह या साजिश? पिछली धमकियों का रिकॉर्ड
पंजाब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं यह किसी हॉक्स (अफवाह) का हिस्सा तो नहीं है। हाल के महीनों में दिल्ली और पंजाब के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियाँ मिली थीं, जो बाद में फर्जी निकली थीं। मगर, मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य और खालिस्तानी संगठन के नाम के इस्तेमाल ने इस मामले को रेड अलर्ट श्रेणी में डाल दिया है। फिलहाल फोर्टिस अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और मुख्यमंत्री की सुरक्षा की कमान राज्य की विशेष सुरक्षा इकाई (SSG) ने संभाल ली है। साइबर विशेषज्ञों की टीम इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या यह ईमेल सीमा पार से या किसी वीपीएन (VPN) के जरिए भेजा गया है।


