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पीरियड ड्रामा का चलन बढ़ा, भारत के स्वर्ण युग की शुरुआत की कहानी दिखाएगी 'स्वयंभू'

डायरेक्टर भरत कृष्णमाचारी की फिल्म 'स्वयंभू' यह उस दौर को दिखाएगी, जब भारत धीरे-धीरे एक ताकतवर और समृद्ध देश बनने की राह पर था।

पीरियड ड्रामा का चलन बढ़ा, भारत के स्वर्ण युग की शुरुआत की कहानी दिखाएगी स्वयंभू
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भारतीय सिनेमा में इन दिनों पीरियड ड्रामा का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में डायरेक्टर भरत कृष्णमाचारी फिल्म 'स्वयंभू' लेकर आ रहे हैं, जो पहले से ही चर्चा में बनी हुई है। उन्होंने बताया कि 'स्वयंभू' की कहानी भारत के स्वर्ण युग से ठीक पहले के समय पर आधारित है। यह उस दौर को दिखाएगी, जब भारत धीरे-धीरे एक ताकतवर और समृद्ध देश बनने की राह पर था। यह वह समय था जब देश आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा था और दुनिया में पहचान बना रहा था।

शुरुआती दौर की कहानी को सामने लाएगी फिल्म

डायरेक्टर भरत कृष्णमाचारी ने कहा, ''एक समय ऐसा भी था, जब भारत को दुनिया की सबसे समृद्ध और शक्तिशाली सभ्यताओं में गिना जाता था। उस दौर में भारत की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत थी और व्यापार तेजी से बढ़ रहा था। खास बात यह थी कि भारत सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि समुद्र के रास्ते भी अपनी ताकत बढ़ा रहा था और एक नेवल सुपरपावर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा था। फिल्म इसी शुरुआती दौर की कहानी को सामने लाएगी।''

रोम और ग्रीस जैसे पश्चिमी देशों तक फैला हुआ व्यापार

उन्होंने कहा, ''भारत के स्वर्ण युग में देश हर क्षेत्र में आगे था। उस समय भारत का व्यापार चीन जैसे पूर्वी देशों से लेकर रोम और ग्रीस जैसे पश्चिमी देशों तक फैला हुआ था। इसके अलावा भारत ने दक्षिण-पूर्व एशिया तक अपना प्रभाव बढ़ाया था। दुनिया के कई देश भारत की तरक्की से प्रभावित होकर उसके साथ व्यापार करना चाहते थे। फिल्म में इसी ऐतिहासिक बदलाव और उभरती ताकत की कहानी को दिखाया जाएगा।''

मुख्य भूमिका में निखिल सिद्धार्थ नजर आएंगे

फिल्म 'स्वयंभू' में मुख्य भूमिका में निखिल सिद्धार्थ नजर आएंगे। उनके साथ नाभा नतेश और संयुक्ता भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगी। इस फिल्म को पिक्सल स्टूडियोज के बैनर तले भूवन और श्रीकर बना रहे हैं, जबकि इसे टैगोर मधु प्रस्तुत कर रहे हैं। फिल्म को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है।

निखिल सिद्धार्थ ने काफी मेहनत की है

फिल्म के लिए निखिल सिद्धार्थ ने काफी मेहनत की है। उन्होंने अपने किरदार को बेहतर बनाने के लिए वियतनाम जाकर मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली। इतना ही नहीं, उन्होंने तलवार चलाने की कला में भी महारत हासिल की और अब वह दोनों हाथों से तलवार चला सकते हैं। आईएएनएस


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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