कंप्यूटर-लैपटॉप पर काम करने वालों को हर 30-45 मिनट में ब्रेक क्यों जरूरी? जान लें
विशेषज्ञ बताते हैं कि लैपटॉप यूजर्स के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि स्क्रीन को आंखों के लेवल पर रखें, जिससे गर्दन आगे की ओर झुकने से बचे।

आज के दौर में अधिकांश लोग लैपटॉप या कंप्यूटर पर घंटों काम करते हैं, जिससे गर्दन दर्द, सर्वाइकल की समस्या और पीठ दर्द आम हो गया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सही पोस्चर अपनाकर और कुछ आसान एक्सरसाइज से इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि लैपटॉप यूजर्स के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि स्क्रीन को आंखों के लेवल पर रखें, जिससे गर्दन आगे की ओर झुकने से बचे। आदर्श पोस्चर में पीठ सीधी रखनी चाहिए, कंधे रिलैक्स्ड होने चाहिए और गर्दन को सपोर्ट मिलना चाहिए।
कीबोर्ड को थोड़ा नीचे या एल्बो लेवल के आसपास रखें
कंप्यूटर स्क्रीन को आंखों के बराबर या थोड़ा नीचे रखें, ताकि सिर को ऊपर-नीचे न करना पड़े। कीबोर्ड को ऐसे स्थान पर रखें कि हाथों की कोहनी लगभग 90-100 डिग्री के कोण पर रहे। डेस्क पर कीबोर्ड को थोड़ा नीचे या एल्बो लेवल के आसपास रखने से कंधे और गर्दन पर दबाव कम पड़ता है।
गर्दन की एक्सरसाइज को बहुत महत्वपूर्ण
लैपटॉप यूजर्स के लिए स्टैंड का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर है, क्योंकि लैपटॉप की स्क्रीन आमतौर पर नीचे होती है, जिससे 'टेक नेक' की समस्या होती है। एक्सपर्ट्स विशेष रूप से गर्दन की एक्सरसाइज को बहुत महत्वपूर्ण बताते हैं। रोजाना नेक रेंज ऑफ मोशन एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और लंबे समय तक काम करने की क्षमता बढ़ती है। इन एक्सरसाइज में गर्दन को धीरे-धीरे आगे-पीछे, बाएं-दाएं घुमाना जैसी मूवमेंट शामिल हैं।
हर 30-45 मिनट में ब्रेक लें
एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि हर 30-45 मिनट में ब्रेक लें। उठकर थोड़ा टहलें और गर्दन की हल्की स्ट्रेचिंग करें। कुर्सी में सपोर्ट होना चाहिए और पैर फर्श पर सपाट रखें। यदि लैपटॉप पर काम ज्यादा है तो एक्सटर्नल कीबोर्ड और माउस का उपयोग करें। ये छोटे-छोटे बदलाव लंबे समय में दर्द से राहत दिलाते हैं। नियमित एक्सरसाइज से ऑफिस वर्कर्स की सेहत बेहतर रह सकती है। अगर दर्द ज्यादा हो तो डॉक्टर से सलाह लें।


