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Health Care: नारियल पानी से लेकर तेल तक, हर चीज में स्वास्थ्य और सुंदरता का खजाना

गर्मियों में शरीर को ठंडक देने से लेकर बुखार या उल्टी-दस्त के बाद ऊर्जा लौटाने तक नारियल पानी बेहद फायदेमंद है। इसमें प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं।

Health Care: नारियल पानी से लेकर तेल तक, हर चीज में स्वास्थ्य और सुंदरता का खजाना
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नारियल (श्रीफल) सिर्फ एक साधारण फल नहीं बल्कि स्वास्थ्य, सुंदरता और मानसिक शांति का अद्भुत स्रोत है। इसके पेड़ के हर हिस्से पत्ते, पानी और तेल में खास गुण छिपे हैं। सबसे पहले बात करते हैं नारियल पानी की। इसे आयुर्वेद में जीवन रसायन कहा गया है। गर्मियों में शरीर को ठंडक देने से लेकर बुखार या उल्टी-दस्त के बाद ऊर्जा लौटाने तक नारियल पानी बेहद फायदेमंद है। इसमें प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर में पानी और खनिजों का संतुलन बनाए रखते हैं।

नारियल तेल, बालोंके लिए प्राकृतिक कवच

अब बात करते हैं नारियल तेल की। यह सिर्फ खाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि त्वचा और बालों के लिए प्राकृतिक कवच है। नारियल तेल की मालिश करने से बालों का झड़ना कम होता है, डैंड्रफ दूर होती है और जड़ों में ताकत आती है। त्वचा पर लगाने से यह सूखापन, फटे होंठ और इंफेक्शन कम करता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण त्वचा को चमक और सुरक्षा देते हैं। आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसे त्वचा की गर्मी को शांत करने वाला तेल कहा गया है।

नारियल का सफेद गूदा भी फायदेमंद

नारियल का सफेद गूदा भी कम फायदेमंद नहीं है। यह फाइबर और पोषक वसा से भरपूर है, पाचन सुधारता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। सुबह-सुबह एक टुकड़ा खाने से कब्ज दूर होती है। यह कमजोरी दूर करने वाला प्राकृतिक टॉनिक भी है। नारियल दूध भी काफी लाभदायक होता है। यह त्वचा के लिए मॉइस्चराइजर की तरह काम करता है, बालों की ड्राइनेस कम करता है और शरीर की मांसपेशियों को पोषण देता है।

नारियल वात और पित्त दोष को शांत करता है

आयुर्वेद के अनुसार, नारियल वात और पित्त दोष को शांत करता है, शरीर को ठंडक देता है और मानसिक शांति लाता है। नारियल पानी में तुलसी का रस मिलाकर पित्त शांति पेय बनाया जा सकता है। दांत और मसूड़ों के लिए भी रोज सुबह नारियल तेल से 5 मिनट का ऑयल पुलिंग बेहद लाभकारी है। इतना ही नहीं, नारियल एकमात्र ऐसा फल है जो फल, बीज और मेवा तीनों श्रेणियों में आता है। इसका पेड़ 100 साल तक जीवित रह सकता है और लगभग 75 फल देता है।आईएएनएस


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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