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सहज साधना के विश्व महाकुंभ में 74 देश लगा रहे आनंद के गोते

🔹 स्वर्ण जयंती समारोह व बसंतोत्सव में 74 देशों से पहुंचे हजारों अभ्यासी। अंतिम सत्र के दूसरे दिन पांच हजार से अधिक साधकों ने ध्यान साधना की। छोटा पड़ा, मेडिटेशन हॉल पंडाल के बाहर बैठ किया ध्यान

शाहजहांपुर, वाईबीएन संवाददाताः श्रीरामचंद्र मिशन आश्रम में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह और बसंतोत्सव 2026 सचमुच एक विश्व महाकुंभ का रूप ले चुका है। रविवार को आश्रम परिसर में भारत के विभिन्न प्रांतों के साथ डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, यूएसए, कनाडा, फ्रांस सहित 74 देशों से पहुंचे श्रद्धालु भावमग्न होकर ध्यान करते नजर आए। हर ओर विविध भाषाएं, लेकिन भाव एक — साधना और शांति।

मेडिटेशन हॉल छोटा पड़ा

बीस दिवसीय स्वर्ण जयंती समारोह के अंतिम सत्र के दूसरे दिन रविवार को पांच हजार से अधिक अभ्यासी योगाश्रम पहुंचे। मेडिटेशन हॉल में स्थान न मिलने पर साधकों ने पंडाल के बाहर जमीन पर बैठकर सहज मार्ग साधना की। अनुशासन ऐसा कि कहीं कोई अव्यवस्था नहीं।

दाजी ने कराया प्राणाहुति के साथ ध्यान

मिशन अध्यक्ष व वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ ने लगभग एक घंटे के सत्र में प्राणाहुति के माध्यम से ध्यान कराया। ध्यान के पश्चात अनेक अभ्यासियों ने अपने आध्यात्मिक अनुभव लिपिबद्ध किए।

अनुशासन और सेवा की मिसाल

भोजनालय, कैंटीन और ध्यान कक्ष — हर स्थान पर कतारबद्ध व्यवस्था देखने को मिली। एक-दूसरे का ध्यान रखते हुए साधक सेवा और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ते दिखे। विदेशी अभ्यासियों के लिए विशेष भोजन व्यवस्था भी की गई।

आनंद और आत्मीयता का संगम

पूरे आश्रम में शांति, अनुशासन और प्रेम का अद्भुत संगम दिखाई दिया। श्रद्धालु सचमुच श्रद्धा-भक्ति के इस विश्व महाकुंभ में आनंद के गोते लगाते नजर आए। समारोह के व्यवस्थापक माधौगोपाल अग्रवाल, राजगोपाल अग्रवाल, श्रीगोपाल अग्रवाल, मिशन सचिव उमा शंकर वाजपेयी, अर्जुन अग्रवाल, अनुपम अग्रवाल, संजय सहगल, सुयश सिन्हा, पवन सिंह आदि समर्पण भाव से व्यवस्था में जुटे हुए है। बेहतर व्यवस्थाओं से देश विदेश से आए अभ्यासी बेहद प्रभावित व प्रसन्न नजर आ रहे है।


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