ईरान के बाद अब ट्रंप का अगला 'टारगेट' क्यूबा! जानें क्या है प्लान?
ईरान युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर क्या कहा जो चर्चा का विषय बन गया। क्या ट्रंप का अगला टारगेट क्यूबा है। जानें, ट्रंप का नया ग्लोबल प्लान क्या है?

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क । ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी विदेश नीति का नया और चौंकाने वाला रोडमैप पेश किया है। उनका कहना है कि ईरान कमजोर हो रहा है और अब व्हाइट हाउस का ध्यान क्यूबा की तरफ मुड़ने वाला है। ट्रंप का 'मिशन क्यूबा' क्या है, यह जानने के लिए आइए इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट पर नजर डालते हैं।
व्हाइट हाउस में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकताएं अब बदलने जा रही हैं। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि वह पहले ईरान में चल रहे संघर्ष को पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं, उसके बाद क्यूबा पर ध्यान देंगे।
इस बयान को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया कि जैसे ही मध्य पूर्व का मोर्चा शांत होगा, अमेरिकी विदेश नीति का रुख कैरेबियन द्वीप की ओर बढ़ेगा। लेकिन, क्यूबा क्यों?
'समझौते के लिए बेताब है क्यूबा' - ट्रंप का बड़ा दावा
ट्रंप ने अपने खास अंदाज में बताया कि क्यूबा की सरकार अब अमेरिका के साथ बातचीत और समझौता करने के लिए 'बेहद बेताब' है। क्यूबा-अमेरिकी समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने एक इमोशनल कार्ड खेला।
वापसी का वादा: ट्रंप ने कहा कि क्यूबा के लोग जल्द ही अपने देश लौट सकेंगे।
हवाना की मजबूरी: उनके मुताबिक, क्यूबा की आर्थिक और राजनीतिक हालात ऐसी हैं कि अब वह वाशिंगटन के साथ सहयोग के लिए तैयार हैं।
इंसानी जुड़ाव: उन्होंने भावुक होकर कहा, "हम आपको वापस चाहते हैं, हम आपको खोना नहीं चाहते।"
ईरान युद्ध पर ट्रंप का 'विक्ट्री कार्ड': क्या हैं जमीनी हालात?
ईरान के साथ चल रहे मामले पर ट्रंप ने जो आंकड़े दिए हैं, वो रक्षा विशेषज्ञों को भी हैरान कर गए हैं। उनका दावा है कि अमेरिकी और इजराइली सेनाएं उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से दुश्मन को ध्वस्त कर रही हैं।
ट्रंप की रिपोर्ट कार्ड के मुख्य बिंदु:
वायुसेना और डिफेंस खत्म: ट्रंप के अनुसार, ईरान के पास अब कोई प्रभावी वायुसेना या हवाई सुरक्षा प्रणाली नहीं बची।
नौसेना का विनाश: उन्होंने कहा कि सिर्फ तीन दिनों में अमेरिका ने ईरान के 24 युद्धपोत समुद्र में डुबो दिए।
बातचीत की गुहार: ट्रंप ने बताया कि ईरानी नेता अब खुद फोन कर रहे हैं— "हम समझौता कैसे करें?"
प्रोफेशनल इनसाइट: ट्रंप ने इन ऑपरेशंस की डिटेल में नहीं गए, लेकिन उनके लहजे से ये साफ है कि वो ईरान को एक 'हारे हुए खिलाड़ी' की तरह देख रहे हैं।
तेल की कीमतें और 'नया ईरान': ट्रंप की दोहरी रणनीति
युद्ध के बावजूद दुनिया में तेल की कीमतों को लेकर जो चिंताएं थीं, ट्रंप ने उस पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि युद्ध के चलते प्राथमिकताओं में थोड़ा बदलाव चाहिए था, लेकिन अब वैश्विक तेल बाजार स्थिर हो रहे हैं।
साथ ही, उन्होंने ईरानी राजनैतिकों को एक खुला ऑफर दिया। ट्रंप ने कहा कि जो लोग सहयोग करेंगे, वे एक 'नये और बेहतर ईरान' के निर्माण में शामिल होंगे। यह सीधे तौर पर ईरान में सत्ता परिवर्तन या बड़े सुधार की तरफ इशारा करता है।
क्या फिर से शुरू होगा 'कोल्ड वॉर' वाला तनाव?
ट्रंप का क्यूबा की ओर ध्यान देना केवल एक द्विपक्षीय मुद्दा नहीं है। यह इस बात का संकेत है कि ट्रंप प्रशासन अपने कार्यकाल में उन पुराने मोर्चों को बंद करने की कोशिश कर रहा है, जो दशकों से अमेरिका के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
ईरान: सैन्य ताकत से समाधान।
क्यूबा: कूटनीतिक और समझौते के दबाव से समाधान।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप की यह रणनीति 'अमेरिका फर्स्ट' के साथ-साथ ग्लोबल पुलिसिंग की उनकी पुरानी छवि को फिर से स्थापित कर रही है। अब आगे ये देखना होगा कि क्या क्यूबा सच में ट्रंप की शर्तों पर बचेगा या ये महज एक मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे अधूरे काम छोड़ने के मूड में नहीं हैं। ईरान में 'प्रलय' लाने के बाद क्यूबा को 'प्यार' (या दबाव) से संभालने की उनकी योजना वैश्विक राजनीति का अगला बड़ा चैप्टर साबित होने वाली है।


