ओमान से चार्टर उड़ानों से अपने लोगों को निकालेगा ब्रिटेन
ईरान हमलों के बीच ब्रिटेन ओमान से चार्टर उड़ानें चलाकर खाड़ी में फंसे नागरिकों को निकाल रहा है।

वाईबीएन डेस्क, नई दिल्ली।
ईरान द्वारा जारी मिसाइल हमलों और क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र के बंद होने के बीच ब्रिटेन सरकार ने ओमान से अपने नागरिकों को निकालने के लिए विशेष चार्टर उड़ान चलाने का फैसला किया है। ब्रिटेन की गृह सचिव यवेट कूपर ने संसद में बताया कि स्थिति तेजी से बदल रही है और हमलों के खतरे को देखते हुए कमजोर और संवेदनशील ब्रिटिश नागरिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकारी चार्टर उड़ान मस्कट से आने वाले दिनों में रवाना होगी, हालांकि तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
निजी कंपनियां भी प्रयासरत
सरकार के साथ-साथ वाणिज्यिक एयरलाइंस भी राहत प्रयासों में जुटी हैं। British Airways ने घोषणा की है कि वह 5 मार्च की सुबह 2:30 बजे मस्कट से लंदन के लिए एक विशेष उड़ान संचालित करेगी। एयरलाइन ने कहा कि 6 और 7 मार्च को भी निर्धारित उड़ानें उपलब्ध होंगी। हालांकि, उसने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में मौजूद यात्रियों को सड़क मार्ग से मस्कट आने की सलाह नहीं दी है। मस्कट यूएई से लगभग 300 मील (480 किमी) दूर है।
ईरान ने अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, जिनमें दुबई और अबू धाबी शामिल हैं, संभावित या प्रत्यक्ष खतरे में रहे हैं। कतर का हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद है और दोहा हवाई अड्डे से कोई उड़ान नहीं भर रही है। यूएई सरकार के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से उसके वायु रक्षा तंत्र ने 186 मिसाइलों को रोका है।
इन परिस्थितियों में बड़ी संख्या में ब्रिटिश नागरिक खाड़ी देशों में फंस गए। विदेश कार्यालय के अनुसार, लगभग 1,30,000 ब्रिटिश नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है ताकि उन्हें आधिकारिक अपडेट मिल सके। अब तक 2,700 कॉल्स सहायता के लिए प्राप्त हुई हैं, जिनमें आधी यूएई से थीं।
कौन-कौन से देश प्रभावित
ब्रिटिश नागरिकों ने बहरीन, इजरायल, कुवैत, फिलिस्तीन, कतर और यूएई से पंजीकरण कराया है। कई देशों के हवाई क्षेत्र आंशिक या पूर्ण रूप से बंद हैं, जिससे नियमित वाणिज्यिक उड़ानें बाधित हैं। दुबई और अबू धाबी जैसे ट्रांजिट हब सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 90,000 यात्रियों को संभालते हैं। इस व्यवधान ने हजारों यात्रियों को प्रभावित किया है।
सोमवार को Etihad Airways की एक उड़ान हीथ्रो पहुंची, जिसमें फंसे ब्रिटिश नागरिक सवार थे। यह सीमित पुनर्वापसी प्रयासों का हिस्सा था।
ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि वह वाणिज्यिक एयरलाइनों के साथ मिलकर मस्कट से उड़ानों की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। चार्टर उड़ान में उन नागरिकों को प्राथमिकता दी जाएगी जो चिकित्सा या अन्य कारणों से अधिक जोखिम में हैं। विदेश कार्यालय सीधे पंजीकृत नागरिकों से संपर्क करेगा।
डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, आपातकालीन योजनाएं तैयार रखी गई हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभूतपूर्व स्थिति है, क्योंकि क्षेत्र में बड़ी संख्या में ब्रिटिश नागरिक मौजूद हैं।
हवाई क्षेत्र बंद होने का असर
कई प्रमुख एयरलाइनों ने दुबई, दोहा, अबू धाबी, बहरीन, अम्मान और तेल अवीव से उड़ानें निलंबित कर दी हैं। मिसाइल हमलों के खतरे के कारण विमानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। ईरान पर इजरायल और अमेरिका के ताजा हवाई हमलों में रेड क्रिसेंट के अनुसार 787 लोगों की मौत हुई है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
हवाई क्षेत्र के बंद रहने से वैश्विक उड़ान नेटवर्क प्रभावित हुआ है। खाड़ी क्षेत्र दुनिया के सबसे व्यस्त एविएशन कॉरिडोर में से एक है। यहां व्यवधान का असर यूरोप, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी पड़ता है।
अब क्या होगा
स्थिति अभी अनिश्चित है। यदि हमले जारी रहते हैं या हवाई क्षेत्र बंद रहता है, तो और चार्टर उड़ानों की जरूरत पड़ सकती है। सरकार ने नागरिकों से कहा है कि वे आधिकारिक चैनलों से प्राप्त निर्देशों का पालन करें और बिना सलाह के यात्रा न करें।
ब्रिटेन का यह कदम दर्शाता है कि क्षेत्रीय संघर्षों का प्रभाव केवल स्थानीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पड़ता है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि तनाव कम होता है या निकासी अभियान और तेज करना पड़ता है।


