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आईडीएफ हमले में मारे गए ईरान के खुफिया मंत्री खतिब, रूस बोला-शीर्ष नेताओं की हत्या अस्वीकार्य

रूस ने यूएस-इजरायल के ईरान पर किए जा रहे संयुक्त हमले की निंदा की है। क्रेमलिन का मानना है कि ये मौत नहीं शीर्ष नेताओं की "हत्या" है जो निंदनीय है।

आईडीएफ हमले में मारे गए ईरान के खुफिया मंत्री खतिब, रूस बोला-शीर्ष नेताओं की हत्या अस्वीकार्य
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तेल अवीव, आईएएनएस। इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि ईरान के एक और शीर्ष नेता की एयर स्ट्राइक में मौत हो गई है। उनके अनुसार, मंगलवार रात हुए हमले में खुफिया मंत्री इस्माइल खतिब मारे गए। इजरायली रक्षा मंत्रालय के कार्यालय ने काट्ज का बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। इजरायली रक्षा मंत्री कार्ट्ज ने कहा है कि बुधवार को 'बड़े सरप्राइज' मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ईरान ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। उधर, रूस ने यूएस-इजरायल के ईरान पर किए जा रहे संयुक्त हमले की निंदा की है। क्रेमलिन का मानना है कि ये मौत नहीं शीर्ष नेताओं की "हत्या" है जो निंदनीय है। यह बयान ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी की एयरस्ट्राइक में मौत के बाद आया।

खतिब, इजरायली हवाई हमले में मारे गए;

मीडिया आउटलेट, 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' ने इजराइल काट्ज के बयान के हवाले से बताया कि ईरान के खुफिया मंत्री, इस्माइल खतिब, बीती रात तेहरान में एक इजरायली हवाई हमले में मारे गए; उन्होंने यह भी कहा कि आज "बड़े सरप्राइज" मिलने की उम्मीद है। उन्होंने एक सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, "आज के दिन, सभी मोर्चों पर बड़े सरप्राइज मिलने की उम्मीद है, जिससे ईरान और लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमारी लड़ाई और तेज हो जाएगी।"

"ईरान में हमलों की तीव्रता बढ़ रही है

उन्होंने कहा, "ईरान में हमलों की तीव्रता बढ़ रही है। ईरान के खुफिया मंत्री खतिब को भी बीती रात मार गिराया गया।"काट्ज ने कहा कि उन्होंने और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने "आईडीएफ को किसी भी शीर्ष ईरानी अधिकारी को (मार गिराने) का अधिकार दे दिया है... जिसके लिए अब किसी अतिरिक्त मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।"इससे पहले इजरायली मीडिया ने सूत्रों के आधार पर खतिब के मारे जाने की जानकारी दी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान पर हुए हालिया हवाई हमलों में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतिब को निशाना बनाया गया।साथ में ये भी कहा था कि इस ऑपरेशन के नतीजों का अभी आकलन किया जा रहा है और यह स्पष्ट नहीं है कि हमले में क्या नुकसान हुआ या लक्ष्य सफल हुआ या नहीं।एक दिन पहले ही इजरायल ने ईरान के सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और बसीज कमांडर गुलामरेजा सुल्तानी को निशाना बनाया था, जिसमें दोनों अधिकारियों की मौत हो गई थी।

रूस ने ईरानी नेताओं की मौत पर जताया खेद

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों के पूछे गए सवाल पर कहा, "हम संप्रभु और स्वतंत्र ईरान के साथ-साथ अन्य देशों के नेतृत्व से जुड़े सदस्यों की सेहत को नुकसान पहुंचाने, या उनकी हत्या करने अथवा उन्हें खत्म करने के उद्देश्य से की गई किसी भी कार्रवाई की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। हम ऐसी कार्रवाइयों की भर्त्सना करते हैं।"पेस्कोव ने कहा कि किसी संप्रभु देश के नेताओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने ऐसे हमलों को “अस्वीकार्य” बताया और तत्काल संघर्ष रोकने व बातचीत शुरू करने की अपील की।

अली लारीजानी की मौत तेहरान में एक एयरस्ट्राइक में हु

मंगलवार को, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी की मौत तेहरान में एक एयरस्ट्राइक में हुई। इस हमले में उनके बेटे और सुरक्षाकर्मी भी मारे गए। लारीजानी ईरान के प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। वे पहले संसद अध्यक्ष और परमाणु वार्ताओं में प्रमुख भूमिका निभा चुके थे। हाल के संघर्ष में वे देश की सुरक्षा और सैन्य रणनीति के केंद्र में थे।मंगलवार को ही आईडीएफ, रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज, और फिर पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने मौत का दावा किया था जिसकी बाद में ईरान ने पुष्टि की। लारीजानी के अलावा बसिज कमांडर गुलामरेजा सुल्तानी भी हमले का शिकार हुए थे। बुधवार को तेहरान में लारीजानी और बसिज कमांडर गुलामरेजा सुल्तानी के जनाजे में हजारों की संख्या में लोग जुटे।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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